हरिवंश नारायण सिंह की राज्यसभा में हुई वापसी, राष्ट्रपति ने उच्च सदन के लिए किया मनोनीत, 2032 तक होगा कार्यकाल
नई दिल्ली। राज्यसभा के पूर्व उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की एक बार से संसद के उच्च सदन में वापसी हुई है। जेडीयू नेता हरिवंश को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया है। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हरिवंश नारायण सिंह को आज शपथ दिलाई। हरिवंश का राज्यसभा कार्यकाल इसी महीने खत्म हुआ था। जेडीयू ने राज्यसभा चुनाव में इस बार हरिवंश को कैंडिडेट घोषित नहीं किया था। जिसके बाद राष्ट्रपति ने उनका मनोनयन किया। हरिवंश का मौजूदा कार्यकाल 2032 तक होगा।
हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा में मनोनीत किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। मोदी ने हरिवंश जी के पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में दिए अमूल्य योगदान का जिक्र करते हुए कहा, वे एक सम्मानित बुद्धिजीवी और विचारक हैं। उन्होंने अपने गहन विचारों और अंतर्दृष्टि से पिछले कुछ वर्षों में सदन की कार्यवाही को समृद्ध किया है। मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति जी ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। आगामी संसदीय कार्यकाल के लिए उन्हें मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने मार्च में राज्यसभा सांसदों के विदाई भाषण में हरिवंश नारायण की प्रशंसा की थी। मोदी ने कहा था कि हमारे उपसभापति हरिवंश जी इस सदन से विदाई ले रहे हैं। उनको लंबे समय तक सदन में जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला। सदन चलाने में उन्होंने सभी का विश्वास जीतने का प्रयास किया। वो कलम के धनी तो हैं ही, कर्म के मामले में भी आगे हैं। मोदी ने कहा था कि यहां से कुछ साथी विदाई ले रहे हैं। कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं और कुछ विदाई के बाद यहां का अनुभव लेकर जीवन में विशेष योगदान के लिए जा रहे हैं। जो जा रहे हैं लेकिन आने वाले नहीं हैं उनको मैं कहना चाहूंगा कि राजनीति में फुलस्टॉप नहीं होता है। भविष्य आपका भी इंतजार कर रहा है, आपका अनुभव और आपका योगदान राष्ट्र जीवन में हमेशा बना रहेगा।
