रणवीर सिंह पर लगा बैन, फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ ने बॉयकॉट कर दिया
नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह फ़िलहाल टॉक ऑफ़ द टाउन बने हुए हैं क्यूंकि रणवीर सिंह को फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ ने बैन कर दिया है। एफ़डब्ल्यूआईसीई भारतीय फ़िल्म और टेलीविज़न उद्योग में काम करने वाले कर्मचारियों, कलाकारों और तकनीशियनों का संगठन है जिन्होंने रणवीर सिंह को बॉयकॉट कर दिया है।
दरअसल, फरहान अख्तर की डॉन फ्रेंचाइजी की मच एन्टिसिपेटेड फिल्म ”डॉन 3” जिसे लेकर पिछले काफी समय से बज बना हुआ था। अब ये फिल्म एक बार फिर से सुर्ख़ियों में हैं फरहान अख्तर ने एक्टर रणवीर सिंह के साथ डॉन 3 बनाने की घोषणा की थी। फिल्म से रणवीर का फर्स्ट लुक भी आउट किया जा चुका था और अब रणवीर ने फिल्म की शूटिंग शुरू होने से महज तीन हफ्ते पहले फिल्म छोड़ दी।
इसके बाद फरहान अख्तर और उनके पार्टनर रितेश सिद्धवानी ने रणवीर सिंह के ख़िलाफ़ इंडियन फ़िल्म एंड टेलीविज़न डायरेक्टर्स एसोसिएशन में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद एसोसिएशन ने मामले में आगे की कार्रवाई के लिए इसे फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ को भेज दिया था। फ़ेडरेशन के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने मुंबई में मीडिया से कहा, “11 अप्रैल को फ़रहान अख़्तर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि शूटिंग के लिए यूनिट के रवाना होने से तीन हफ़्ते पहले रणवीर ने फ़िल्म छोड़ दी।” इसके बाद फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ ने निर्देशक समेत डॉन 3 की टीम के साथ बातचीत की।
अशोक पंडित ने कहा, “उन्होंने दो घंटे तक पूरी घटना बताई. उन्होंने प्री-प्रोडक्शन पर हुए सभी ख़र्चों का ब्यौरा भी पेश किया, जिनका हिसाब-किताब और ऑडिट किया गया है। इनमें 200 से ज़्यादा कर्मचारियों के लिए होटल, लोकेशन और विदेश यात्रा की बुकिंग शामिल हैं। सब कुछ दस्तावेज़ों में दर्ज है. कुछ भी सुनी-सुनाई बात नहीं है।”
इस प्रोजेक्ट को वित्तीय सहायता दे रही एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह से प्री-प्रोडक्शन पर हुए ख़र्च के नुकसान की भरपाई के तौर पर 45 करोड़ रुपये की मांग की है। फ़ेडरेशन का कहना है कि रणवीर सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन हर 10 दिन पर तीन बार याद दिलाने के बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। फ़ेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा, “हम इंडस्ट्री को यह संदेश देना चाहते हैं कि कोई सुपरस्टार क़ानून से बड़ा नहीं है। जब तक वह व्यक्तिगत रूप से हमसे मिलने का फ़ैसला नहीं करते, तब तक हम असहयोग निर्देश जारी रखेंगे।”
