सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता हटाए गए, ओएसएम मामले की जांच के लिए कमेटी गठित
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर जारी विवाद के बीच मोदी सरकार ने सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सेवाओं की खरीद मामले में अनियमितता की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन भी किया गया है। यह जांच समिति ओएसएम सेवाओं के टेंडर और अलॉटमेंट में खामियों की पड़ताल करेगी। कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन (सीबीसी) की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान को इस जांच समिति की कमान सौंपी गई है। छात्र हित को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। दरअसल कॉपियों को बिना किसी भेदभाव के डिजिलट माध्यम से चेक करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई थी मगर रिजल्ट आने के बाद बहुत से स्टूडेंट्स ने इस बात की शिकायत की कि उनके नंबर उम्मीद मुताबिक नहीं हैं। पेपर अच्छा होने के बावजूद नंबर कम आए हैं। सीबीएसई ने वेदांत श्रीवास्तव नाम के एक स्टूडेंट की फिजिक्स परीक्षा की कॉपी के मूल्यांकन और अपलोडिंग में गलती की बात भी बीते दिनों मानी थी। दरअसल, वेदांत ने सीबीएसई परीक्षा की अपनी फिजिक्स कॉपी के री-इवैल्यूएशन का आवेदन दिया था। सीबीएसई ने इसके बाद वेदांत को फिजिक्स की कॉपी का स्कैन भेजा था। जिसके बाद वेदांत ने कहा कि ये कॉपी उसकी है ही नहीं।
वेदांत ने अपनी अंग्रेजी और कम्प्यूटर साइंस की कॉपियों की हैंडराइटिंग और फिजिक्स की कॉपी में अलग हैंडराइटिंग का का मुद्दा उठाया। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा। इससे पहले सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को लेकर भी काफी किरकिरी हुई। पहले यह पोर्टल 29 मई को खुलना था जिसकी डेट बढ़ाकर 1 जून की गई मगर वो उस दिन भी नहीं खुला। आज काफी मशक्कत के बाद जब पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई तो सीबीएसई ने पोर्टल पर साइबर अटैक होने का दावा किया।
