बागियों के हाथ से पार्टी फंड बचाने की ममता बनर्जी की कोशिश!, कोषाध्यक्ष ने बैंक को खाता फ्रीज करने की चिट्ठी भेजी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की घोर पराजय के बाद पार्टी की सुप्रीमो और पूर्व सीएम ममता बनर्जी और उनके सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। टीएमसी के ज्यादातर सांसद और विधायक भी बागी तेवर दिखा रहे हैं। अब टीएमसी में ताजा घटनाक्रम होने की खबर है। न्यूज चैनल एबीपी आनंदो की खबर के मुताबिक ममता सरकार में मंत्री रहे और टीएमसी के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाजा ब्रांच को चिट्ठी लिखकर टीएमसी का खाता फ्रीज करने की गुजारिश की है। क्या इस कदम के जरिए ममता बनर्जी पार्टी का सैकड़ों करोड़ का फंड बचाने बागियों के हाथ जाने से बचाने की कोशिश कर रही हैं!
चैनल के मुताबिक अरूप बिस्वास ने टीएमसी के बैंक खाते से सभी लेन-देन रोकने का आग्रह ये कहते हुए किया है कि पार्टी अभी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। उन्होंने चिट्ठी में लिखा है कि कई सांसद टीएमसी छोड़ चुके हैं और कई विधायक बागी हो गए हैं। ऐसे हालात में ये विवाद खड़ा हो गया है कि टीएमसी पर किसका अधिकार है। अरूप बिस्वास ने चिट्ठी में लिखा है कि इस वजह से अनिश्चितता है कि टीएमसी का बैंक खाता कौन चलाएगा। उन्होंने ये आशंका भी जताई है कि पार्टी दफ्तर में पहले से रखे साइन किए बैंक चेकों का गलत इस्तेमाल हो सकता है। ऐसे में खाते से सभी लेन-देन रोक देने चाहिए। वरना और मुश्किल हो सकती है।
सवाल ये है कि क्या अरूप बिस्वास ने ममता बनर्जी और अभिषेक से बातचीत के बाद बैंक को ये चिट्ठी भेजी है? टीएमसी के बैंक खाते में करीब 800 करोड़ की रकम होने का अनुमान लगाया जा रहा है। खास बात ये भी है कि फुटबॉलर लायनेल मेसी के कोलकाता दौरे के वक्त अव्यवस्था फैलाने के आरोप में पुलिस ने अरूप बिस्वास पर केस भी दर्ज कर रखा है। इस मामले में मेसी की टीम की ओर से कोलकाता पुलिस को ई-मेल के जरिए बताया गया है कि कार्यक्रम के आयोजक शतद्रु दत्त ने नहीं, बल्कि अरूप बिस्वास ने हालात बिगाड़े थे और बिना मंजूरी के तमाम लोगों को स्टेडियम ले आए थे।
