पिस्टल कनपटी पर लगाई, चलती कार में दरिंदगी का आरोप!
रविन्द्र बंसल-
हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र में सामने आए एक बेहद गंभीर मामले ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिंभावली थाना क्षेत्र की 21 वर्षीय छात्रा ने गांव के ही एक युवक पर पिस्टल की नोक पर अगवा करने, चलती कार में कथित दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाने और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले में उस समय सनसनी फैल गई जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी निजी वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद परिवार पर कथित रूप से सामाजिक दबाव और मानसिक आघात का ऐसा असर पड़ा कि छात्रा को अपनी बीटेक की पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी।
कॉलेज जा रही थी छात्रा, रास्ते में पिस्टल के बल पर कार में बैठाने का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 फरवरी 2023 को वह चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में पढ़ाई के लिए जा रही थी। आरोप है कि गांव शरीफपुर स्थित सरकारी ट्यूबवेल के पास पहुंचते ही गांव का रहने वाला विपिन उर्फ कालू कार लेकर वहां पहुंचा। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसकी कनपटी पर पिस्टल तान दी और जबरन उसे कार में बैठा लिया। इसके बाद चलती कार में उसके साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया गया।
दरिंदगी के साथ कैमरे में कैद की गई पीड़ा का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि कथित वारदात के दौरान आरोपी ने उसकी अश्लील वीडियो भी बना ली। इसके बाद यही वीडियो उसके लिए कथित तौर पर डर और ब्लैकमेलिंग का हथियार बन गया। शिकायत के मुताबिक, आरोपी वीडियो वायरल करने और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देता रहा। पीड़िता के अनुसार वह लगातार भय और मानसिक तनाव में जीती रही और इसी वजह से लंबे समय तक पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।
धमकी से टूटा भविष्य, बीटेक की पढ़ाई बीच में छोड़ी
यह मामला इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि पीड़िता के आरोपों के मुताबिक कथित अपराध का असर केवल घटना तक सीमित नहीं रहा। धमकियों और बदनामी के भय ने उसकी शिक्षा और सामान्य जिंदगी को भी प्रभावित किया। पीड़िता का दावा है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण उसने बीटेक की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। एक तरफ कथित वीडियो के वायरल होने का सदमा और दूसरी तरफ परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी—इन आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
एक अगस्त को वीडियो वायरल होने के आरोप से मचा हड़कंप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक अगस्त को उसकी अश्लील वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दी गई। वीडियो सामने आने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित वीडियो किस डिवाइस से बनाया गया, उसे किसने प्रसारित किया, किन माध्यमों से वह इंटरनेट मीडिया तक पहुंची और इसमें आरोपी की क्या भूमिका रही। इन सवालों के जवाब इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच से सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच
पीड़िता की तहरीर के आधार पर सिंभावली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार के अनुसार मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इंटरनेट मीडिया पर कथित वीडियो प्रसारित किए जाने के आरोप की भी जांच की जा रही है तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच से खुलेगा ‘वीडियो कांड’ का पूरा सच
मामला बेहद गंभीर है। आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल कथित दुष्कर्म का मामला नहीं रहेगा, बल्कि महिला की निजता, सम्मान और भविष्य को कथित धमकी और अश्लील सामग्री के जरिए निशाना बनाए जाने का भी गंभीर प्रकरण होगा। फिलहाल पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। जांच में कथित वीडियो की सत्यता, उसके स्रोत, प्रसारण में इस्तेमाल माध्यम, आरोपी की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
कानून का शिकंजा कितना कसता है और पीड़िता के आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है, इसका फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया करेगी। लेकिन इस घटना ने सिंभावली क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और इंटरनेट मीडिया के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जरूर पैदा कर दी है।
