राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट, SIT की फाइनल रिपोर्ट में इनका नाम नहीं
नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट सौंप दी है। शासन ने इस रिपोर्ट को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेज दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा का नाम नहीं है। इस तरह से पहली एसआईटी टीम ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दे दी है। हालांकि दूसरी एसआईटी जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गठित हुई है उसकी जांच अभी चल रही है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी जिसमें आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार को भी शामिल किया गया था। इन तीनों सदस्यों ने अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट 23 जून को अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सीलबंद लिफाफे में सौंप दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने तहरीर देकर 8 लोगों रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और अविनाश शुक्ला के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई थी। इसके बाद पुलिस ने इन आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट में इन्हीं 8 आरोपियों का नाम है। वहीं इस मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे थे जिसके चलते उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके साथ ही न्यासी अनिल मिश्रा ने भी रिजाइन कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार गठित दूसरी एसआईटी की अध्यक्षता आईजी लखनऊ रेंज किरण एस कर रही हैं। वहीं अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी गौरव ग्रोवर को एसआईटी का सदस्य बनाया गया है।
