सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा- नीट यूजी परीक्षा फूल प्रूफ, पेपर तैयार करने की ये व्यवस्था भी बताई
नई दिल्ली। इस साल मई में नीट यूजी का पेपर लीक हुआ था। जिसके बाद केंद्र सरकार ने कई तगड़ी व्यवस्था की है। केंद्र सरकार ने इनकी जानकारी देते हुए सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि नीट यूजी परीक्षा का मौजूदा सिस्टम फूल प्रूफ है। यानी इसमें सेंध लगना मुश्किल है। हालांकि, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ये भी कहा कि नीट यूजी परीक्षा में इंसान का दखल भी होता है। सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ये जानकारी भी दी कि नीट यूजी का पेपर कैसे सेट किया जाता है।
सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि नीट यूजी के लिए मॉडरेटर्स के कई ग्रुप होते हैं। मॉडरेटर्स के ये ग्रुप 500 सवालों का क्वेश्चन बैंक बनाते हैं। दूसरे मॉडरेटर्स इस क्वेश्चन बैंक से 4 अलग-अलग पेपर तैयार करते हैं। जिनमें 100-100 सवाल होते हैं। सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पेपर तैयार होने के बाद एनटीए के डायरेक्टर जनरल 2 पेपर चुनते हैं। जिनको सीसीटीवी और सीआईएसएफ की सुरक्षा में अलग-अलग प्रिटिंग प्रेस में सीलबंद बॉक्स में भेजा जाता है। इस बॉक्स की चाबी डिजिटल होती है, जो इंचार्ज के पास होती है।
तुषार मेहता ने केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पेपर वाले बॉक्स को उसी वक्त खोला जा सकता है, जब प्रिंटिंग प्रेस मालिक एनटीए के डीजी से संपर्क कर डिजिटल लॉक का कोड हासिल करे। बॉक्स से पेपर निकाले जाने के बाद प्रिंटिंग प्रेस में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किया जाता है। नीट यूजी के पेपर छापे जाने की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होती है। प्रिंटिंग प्रेस में पेपर छापने वालों को पता नहीं होता, कि किस परीक्षा केंद्र में भेजा जाएगा। इसके अलावा नीट यूजी के पेपर और ओएमआर शीट को सीलबंद लिफाफे में रखकर परीक्षा केंद्रों में भेजा जाता है। बता दें कि इस साल नीट यूजी का पेपर लीक होने के बाद केंद्र सरकार की ओर से ये कहा गया था कि अगले साल से परीक्षा को ऑनलाइन कराने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, नीट यूजी में 22 से 24 लाख छात्र बैठते हैं। ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा के लिए काफी संख्या में कम्प्यूटर की व्यवस्था करनी होगी।
