अमरावती अस्पताल में आग की उच्च स्तरीय जांच के आदेश, पीड़ित परिवारों के लिए 5-5 लाख मुआवजे का ऐलान
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के सरकारी महिला अस्पताल में बच्चों के वार्ड (NICU) में आग लग जाने से तीन नवजातों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि वेंटीलेटर फटने से यह हादसा हुआ। इस घटना में छह नवजात बच्चे झुलस गए हैं जिनको सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज जारी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस दर्दनाक घटना पर शोक जताया है। सीएम ने कहा कि नवजात बच्चों की मौत की खबर बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली है। हम पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल हैं। प्रशासन को इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच करने के आदेश दिए गए हैं। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम फडणवीस ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री और सचिव, दोनों को अमरावती जाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। अमरावती जिला कलेक्टर को घायल बच्चों का सरकारी खर्च पर इलाज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। आपको बता दें कि जिस वक्त यह हादसा हुआ अस्पताल में कुल 39 बच्चे थे जिनमें से 36 बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि छह बच्चे झुलस गए हैं जिनको नजदीक के ही सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना देर रात तकरीबन 3.30 बजे के आसपास की है।
जैसे ही एनआईसीयू में आग लगी अस्पताल में अफरातफरी का माहौल हो गया। बच्चों के बचाने में अस्पताल की नर्सों ने अपनी जान की बाजी लगा दी। नर्सें खुद की परवाह किए बिना आग के बीच से एक-एक कर नवजात बच्चों को बाहर निकालने में सफल रहीं। प्रदेश सरकार में मंत्री प्रकाशराव अबितकर ने कहा, यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने सभी बच्चों को बचाने की हर संभव कोशिश की और 36 बच्चों को बचाने में सफल रहे।
