साइबर अपराधियों ने प्रयागराज की महिला डॉक्टर को बनाया निशाना, डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 1.78 करोड़ की रकम ठग ली
प्रयागराज। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक ऑनलाइन फ्रॉड जैसे डिजिटल अरेस्ट और लिंक भेजकर खाते से रकम उड़ाने के बारे में अपने ग्राहकों को जागरूक करने के लिए विज्ञापनों और मैसेज का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन अब भी कई लोग ऐसे साइबर अपराधियों की बातों और धमकी में आकर लाखों-करोड़ों की रकम गंवा रहे हैं। ताजा मामला यूपी के प्रयागराज का है। जहां साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट बताकर महिला डॉक्टर के बैंक खाते से पौने दो करोड़ से ज्यादा की रकम पार कर दी।
प्रयागराज पुलिस के मुताबिक महिला डॉक्टर जॉर्जटाउन में रहती हैं। एक महीने पहले उनके मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल पिक करने पर डॉक्टर को बताया गया कि उनके नाम से एक कोरियर आया है। जिसमें ड्रग्स और कई संवेदनशील चीजें हैं। महिला डॉक्टर से धोखाधड़ी करने वाले ने कहा कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल क्राइम के लिए किया जा रहा है। महिला डॉक्टर ये सुनकर डर गई। कॉल करने वाले साइबर अपराधी ने कहा कि वो पुलिस के अफसर से बात करा रहा है। फिर दूसरे साइबर अपराधी ने खुद को पुलिस अफसर बताकर महिला डॉक्टर को गिरफ्तारी से बचाने के लिए ऑनलाइन रकम भेजने को कहा।
इन दोनों के अलावा कई और साइबर अपराधी भी सीबीआई, ईडी और कस्टम अफसर बनकर महिला डॉक्टर से बात करते रहे। इन सभी ने धमकी देकर महिला डॉक्टर से कई खेप में रकम हासिल की। महिला डॉक्टर ने जब एक व्यक्ति से इसकी चर्चा की, तो उसने उनको बताया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कार्रवाई होती ही नहीं। महिला डॉक्टर को तब पता चला कि उनके साथ साइबर धोखाधड़ी हो गई। पुलिस के मुताबिक महिला डॉक्टर से बातचीत के लिए साइबर अपराधियों ने सिग्नल एप का इस्तेमाल किया। उन्होंने महिला डॉक्टर के फोन पर सिग्नल एप डाउनलोड कराया था। कभी वे वीडियो तो कभी इंटरनेट कॉल कर महिला डॉक्टर को डरा रहे थे।
