मतदाता सूची से अपात्र नामों को हटाना देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए जरूरी, SIR पर योगी आदित्यनाथ
नई दिल्ली। सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद और SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के उठ रहे सवालों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध वोटरों को लेकर एक बड़ी बहुत बड़ी बात कही है। योगी ने SIR प्रक्रिया को देश की सुरक्षा से जोड़ते हुए इसे आवश्यक बताया है। योगी ने कहा कि सभी जागरूक मतदाता इस बात का ध्यान रखें कि वोटर लिस्ट में अवैध रूप से दर्ज अपात्र नामों की SIR प्रक्रिया के तहत पहचान कर उन्हें नियमानुसार हटाना भारत की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए बहुत जरूरी है।
यूपी सीएम ने कहा कि भारत युगों से लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षक रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अपने लोकतांत्रिक विरासत को और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। ऐसे लोग जिनकी मृत्यु हो चुकी है, या जो स्थाई रूप से एक जगह से किसी दूसरी जगह पर शिफ्ट हो गए हैं और डुप्लीकेट नामों का नियमानुसार सत्यापन आवश्यक है। योगी ने सभी प्रदेशवासियों से इस बात की अपील की है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे प्रत्येक युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वाएं। योगी ने मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने में सहभागी बनने का सभी से आह्वान किया है।
आपको बता दें कि SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष शुरू से ही विरोध में है। SIR के तहत अलग-अलग प्रदेशों में कई अपात्र लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। अभी हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों के डॉ. सुखबीर सिंह संधु व डॉ. विवेक जोशी के बीच SIR प्रक्रिया को लेकर एकराय नहीं थी। चुनाव आयुक्तों और सीईसी के बीच 14 बार इसको लेकर पत्राचार भी हुआ। इसके बाद से ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग के द्वारा यह स्पष्ट किया जा चुका है कि SIR से संबंधित सभी निर्णय सीईसी और दोनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर लिए।
