पंजाब सीएम दफ्तर में कथित भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई करेगी, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश
चंडीगढ़। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले बड़े घटनाक्रम के तहत पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के सीएम दफ्तर में कथित भ्रष्टाचार की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि पंजाब सीएम दफ्तर में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर दो महीने में रिपोर्ट सौंपे। इस संबंध में वकील निखिल सराफ ने पंजाब में जनहित याचिका दाखिल कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
दरअसल, पूरा मामला प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की पंजाब के डीजीपी को लिखी तीन चिट्ठियों से शुरू हुआ। ईडी ने पंजाब के डीजीपी को लिखी चिट्ठी में आरोप लगाया था कि राज्य में अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सीएलयू और अन्य सरकारी काम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। ईडी ने पंजाब के डीजीपी से कुछ लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी। ईडी की चिट्ठियों में पंजाब के सीएम भगवंत मान के ओएसडी राजबीर घुम्मन का नाम भी लिखा था। ईडी की चिट्ठियों पर पंजाब के डीजीपी ने कोई कदम नहीं उठाया, तो वकील निखिल सराफ ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया।
निखिल सराफ ने पंजाब पुलिस को इस मामले में निष्क्रिय बताते हुए जांच की मांग की। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को इस जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा। ऐसे में अब सीबीआई को पंजाब सीएम दफ्तर में पहुंचने का मौका मिला है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने अपने दफ्तर में कथित भ्रष्टाचार के ईडी के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। सीएम भगवंत मान ने कहा था कि उनको किसी से ईमानदारी का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। भगवंत मान ने बीजेपी पर ही पलटवार करते हुए कहा था कि जिन्होंने खुद पंजाब को लूटा, वे आज सवाल उठा रहे। बता दें कि पंजाब में बीजेपी ने अकाली दल के साथ मिलकर सरकार चलाई थी। बीजेपी इस बार अकेले दम पर पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के मूड में दिख रही है।
