यूक्रेन से और 200 भारतीय छात्र वतन लौटे, 8 विमान रास्ते में
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया और पोलैंड के रास्ते यूक्रेन में फंसे 3000 भारतीय आज वतन लौट रहे हैं। रोमानिया से चला वायुसेना का एक सी-17 ग्लोबमास्टर 200 छात्रों को लेकर दिल्ली पहुंच गया है। बाकी 8 विमान भी शाम तक आ जाएंगे। इसके अलावा करीब 3 दिन और इसी तरह रेस्क्यू ऑपरेशन गंगा चलाकर मोदी सरकार सभी 18000 भारतीयों को वापस देश लाने की तैयारी कर रही है। यूक्रेन से अब तक 17000 भारतीयों को निकाला जा चुका है। छात्रों का एक समूह खारकीव में फंसा है। उसे भी रूस के रास्ते निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है। ये जानकारी विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्वीट करके दी।
वहीं, न्यूयॉर्क से खबर है कि रूस के सहयोगी देश बेलारूस ने दावा किया है कि पोलैंड की सीमा पर प्रहरियों ने 100 भारतीय छात्रों की पिटाई की और उन्हें वापस यूक्रेन भेज दिया। बाद में इन छात्रों को रोमानिया के एक शरणार्थी शिविर में रखा गया। ये आरोप संयुक्त राष्ट्र में बेलारूस के राजदूत वैलेंटिन रयबाकोव ने महासभा में चर्चा का जवाब देते हुए लगाया। रयबाकोव ने कहा कि ये घटना 26 फरवरी की है। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गेई किस्लिट्स्या ने कहा कि उनके देश में रूसी सैन्य अभियान में एक भारतीय नागरिक मारा गया और एक चीनी नागरिक घायल हो गया।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने एक बार फिर रूस के खिलाफ आए प्रस्ताव पर वोटिंग से किनारा कर लिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने चर्चा के दौरान कहा कि हम खारकीव और अन्य संघर्ष वाले इलाकों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए निर्बाध रास्ते की मांग करते हैं। भारत सरकार ने निकासी की सुविधा के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों में वरिष्ठ मंत्रियों को भेजा है। हम यूक्रेन के सभी पड़ोसी देशों को अपनी सीमा खोलने और इस समय हमारे दूतावासों को सभी सुविधाएं देने के लिए धन्यवाद करते हैं।
