दिल्ली

पंजाब में नशे के कारोबार का विरोध करने वाले तीन लोगों पर धारदार हथियार से हमला, एक की मौत

शेयर करें:

नई दिल्ली। पंजाब में नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक और शख्स की हत्या का मामला सामने आया है। गुरदासपुर में नशे की गोलियां बेचने का विरोध करने पर आरोपियों ने तीन लोगों बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह को धारदार हथियार से घायल कर दिया। इसमें बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई जबकि निशान सिंह और गुरमुख सिंह अस्पताल में भर्ती हैं। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब अभी हाल ही में पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा, जो नशे के विरुद्ध अभियान चला रहे थे, उनकी हत्या कर दी गई थी।

मिली जानकारी के अनुसार, गुरदासपुर श्री हरगोबिंदपुर साहिब के गांव माड़ी पन्नवां में नशे का सामान बेचने वाले लोगों का गलियों में रोजाना जमावड़ा रहता था। इससे स्थानीय लोग तो परेशान हैं ही, महिलाओं और लड़कियों को उन रास्तों से गुजरने में काफी दिक्कत होती है। इसी बात को लेकर गुरुवार, 15 अक्टूबर को बिक्रमजीत सिंह और उनके दो साथियों निशान सिंह और गुरमुख सिंह ने नशा बेचने वालों को वहां से जाने और नशे का सामान बेचना बंद करने को कहा। इसको लेकर नशा बेचने वाले लोग बिक्रमजीत और उनके साथियों से भिड़ गए। उनकी संख्या लगभग 15-20 के आसपास थी। उन लोगों ने मिलकर बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह को मारा पीटा तथा धारदार हथियार से घायल कर दिया। इसके बाद वो लोग वहां से फरार हो गए।

गांव वालों ने बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह को अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई। आपको बता दें कि मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या मामले ने काफी तूल पकड़ा हुआ है इसके बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। झोटा की हत्या के विरोध में अभी कल ही यानी 15 अक्टूबर को विपक्षी दलों बीजेपी, शिरोमणि अकाली दल और अन्य ने पंजाब बंद का आह्वान किया था और राज्यभर में इसका असर देखने को मिला।

Ad Zone: in_content

आगे क्या पढ़ें AI

अपनी राय रखें