नई दिल्ली। देश की राजधानी में चुनाव आयोग ने एसआईआर कराया, तो उसमें 47.6 लाख वोटरों के नाम कट गए। इसके बाद चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में पात्र लोगों के नाम जोड़ने का काम शुरू किया। इसके लिए 31 अगस्त से 23 अक्टूबर तक सिर्फ 250754 लोगों ने ही आवेदन किया है। पश्चिमी दिल्ली में सबसे ज्यादा 30361 फॉर्म-6 भरे गए हैं। जबकि, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में 25925 और पूर्वी दिल्ली में 24200 लोगों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का आवेदन किया है।
दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी दफ्तर से दी गई जानकारी के मुताबिक दक्षिण-पूर्व दिल्ली में 24153, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24136, दक्षिण दिल्ली में 21322 और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में 22098 लोगों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आवेदन दिया है। उत्तरी दिल्ली में 18451, उत्तरी दिल्ली के बाहरी इलाके में 17991 और मध्य-उत्तर दिल्ली में 16312 लोगों ने फॉर्म-6 दाखिल किया है। पुरानी दिल्ली में 10668 और मध्य दिल्ली में 10796 फॉर्म-6 भरे गए हैं। सबसे कम आवेदन नई दिल्ली और कैंट में 4341 हुए हैं। चुनाव आयोग ने दिल्ली में वोटरों के नाम शामिल करने के लिए 89000 कैंप लगाए। खास बात ये है कि पहली बार वोटर बनने वालों की तादाद करीब 50 फीसदी है। दिल्ली में 30 जून से एसआईआर शुरू हुआ था। तब 1.45 करोड़ वोटर थे। ड्राफ्ट लिस्ट बनने के बाद 33 लाख लोगों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के तहत नोटिस दिया गया था। इनमें से करीब 29.5 लाख लोगों का नाम फाइनल वोटर लिस्ट में दर्ज होगा।
दिल्ली चुनाव आयोग के मुताबिक 30 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां की जा सकती हैं। इनके बारे में आए आवेदनों को 30 नवंबर तक निपटाने की चुनाव आयोग की तैयारी है। जिसके बाद 4 दिसंबर को दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। जिन लोगों का नाम एसआईआर में वोटर लिस्ट से कट गया और उनको लगता है कि गलत काटा गया है, तो वे भी 30 अक्टूबर तक फॉर्म-6 भरकर जमा कर सकते हैं। वोटर लिस्ट में लोगों का नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग ने सभी बीएलओ को हर घर जाने का निर्देश दिया है। बीएलओ फॉर्म-6 भरने में मदद भी करेंगे। दिल्ली में जिस संख्या में वोटरों के नाम कटे और नाम जुड़वाने के लिए बहुत कम लोगों ने आवेदन किया है, उससे ये सवाल उठ रहा है कि बाकी करीब 45 लाख लोग कहां हैं? क्या एसआईआर में उनके नाम ठीक ही काटे गए?
