बेंगलुरू

कर्नाटक सरकार के मंत्री जारकीहोली बोले- फर्जी वोटरों की पहचान में मिली मदद

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बेंगलुरु। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल और प्रियंका गांधी के साथ पार्टी के नेता चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विरोध कर इसे रोकने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस के इन नेताओं का आरोप है कि एसआईआर कर गलत तरीके से वोटरों का नाम काटा जा रहा है। वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस की ही सरकार में मंत्री सतीश जारकीहोली ने एसआईआर का समर्थन किया है। उन्होंने कर्नाटक में 99 लाख से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने को भी सही ठहराया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से कर्नाटक में बीते 50 साल से मौजूद फर्जी वोटरों की पहचान करने में मदद मिली है। सतीश जारकीहोली ने कहा कि हमारा विरोध बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में किए गए एसआईआर से है। कांग्रेस सरकार के मंत्री ने दावा किया कि पार्टी के विरोध की वजह से कर्नाटक में सही तरीके से एसआईआर किया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी कर्नाटक की तरह ही एसआईआर किया जाना चाहिए। सतीश जारकीहोली ने कहा कि चुनाव आयोग ने कर्नाटक में जिन वोटरों के नाम काटे हैं, उनमें मृत, स्थानांतरित और दोहरे नाम वाले लोग हैं।

सतीश जारकीहोली के इस बयान से पहले कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने एसआईआर में 99 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम काटने पर आपत्ति जताई थी। बीके हरिप्रसाद ने कहा था कि एक करोड़ वोटरों को छोड़ दिया गया। हमारा आंदोलन इसके ही खिलाफ है। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि मृत और डुप्लीकेट वोटरों का नाम काटने पर आपत्ति नहीं, गैर मौजूद वोटरों पर सवाल है कि ये कहां गए। हरिप्रसाद ने आरोप लगाया था कि बड़ी तादाद में वोटरों के नाम काटना उनको संविधान के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित करने की साजिश है। चुनाव आयोग ने कर्नाटक में 19 लाख से ज्यादा वोटरों को गैर मौजूद और 65.45 लाख को स्थायी तौर पर स्थानांतरित बताया है।

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