UCC: कांग्रेस सांसद केटीएस तुलसी ने समान नागरिक संहिता का लिया पक्ष, तो बीजेपी ने स्वागत करते हुए कहा…
नई दिल्ली। कांग्रेस भले ही लगातार समान नागरिक संहिता UCC का विरोध करती रही हो, लेकिन उसके भीतर से इसके पक्ष में आवाज उठनी शुरू हो गई है। ये आवाज कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी ने उठाई है। तुलसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता जरूरी है और ये नागरिकों के मानवाधिकार से जुड़ा मुद्दा है। केटीएस तुलसी ने कहा कि संविधान के तहत मुस्लिम महिलाओं को भी संरक्षण मिलना चाहि। मुस्लिम महिलाओं की रक्षा के लिए यूसीसी को लागू करने से पहले धार्मिक नेताओं से भी बात की जाए। बता दें कि केटीएस तुलसी मशहूर वकील भी हैं।
तुलसी के यूसीसी के पक्ष में बयान आते ही बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस बयान का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा महिलाओं का ताकतवर बनाने की बात करती है, लेकिन वो यूसीसी का विरोध करती है। अब उनके सांसद भी इसके पक्ष में आ रहे हैं। इससे पहले असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने यूसीसी का समर्थन करते हुए कहा था कि इससे मुस्लिम महिलाओं को न्याय मिलेगा और घर में पति की ओर से तीन और सौतनें लाने पर रोक लगेगी। हिमंत के इस बयान का विपक्ष की तरफ से काफी विरोध हुआ था। हिमंत से पहले उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने राज्य में यूसीसी लाने का एलान किया था। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी यूसीसी की जरूरत बताई थी।
बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 44 में सरकार को यूसीसी बनाने के लिए कहा गया है। इसके तहत सभी समुदायों के लिए एक समान कानून होंगे और पर्सनल लॉ की कोई जगह नहीं रहेगी। बीजेपी ने इसे हमेशा चुनावी एजेंडे में भी रखा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और मुसलमान धर्मगुरु इसके खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं।
