April 17, 2026

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राजस्थान में कोरोना से होने वाली मौतों के सरकारी आंकड़ें में जमीन-आसमान का अंतर, सवालों के घेरे में गहलोत सरकार

नई दिल्ली। देश में जहां कोरोना संकट के बीच बने माहौल में नए मामले कम होने के चलते थोड़ी राहत की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं राजस्थान सरकार द्वारा दिए जा रहे कोरोना के आंकड़ों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल दैनिक भास्कर की एक खबर के मुताबिक राजस्थान में सरकारी आंकड़ें और जमीनी हकीकत में काफी अंतर है। सामने आए आंकड़ों में राज्य सरकार ने जानकारी दी कि,  1 अप्रैल से 20 मई तक जिन 25 ग्रामीण जिलों में काेरोना से 3 हजार 918 मौतें मानी हैं, वहीं उन्हीं जिलों के सिर्फ 512 गांवों-ब्लॉक में इसी समय में 14,482 अंतिम संस्कार हुए हैं। इस तरह के अंतर राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। सवाल बनता है कि आखिर आंकड़ों के इस खेल में लोगों से झूठ? आखिर क्यों गलत आंकड़ें पेश किए जा रहे हैं? बता दें कि राजस्थान में कोरोना के हालात ऐसे हैं कि, सामान्य दिनों में यहां डेढ़ महीने में औसतन 7 गुना कम 2,705 मौतें होती हैं।

वहीं गांवों में मौतों का यह आंकड़ा सामान्य से कहीं अधिक है। बता दें कि गांव में कोराेना प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार नहीं हो रहे, लेकिन इनमें ज्यादातर लोग कोरोना के ही मरीज थे। भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि, राजस्थान के बूंदी जिले के 42 गांवों में ही इस दौरान 314 मौतें हुईं। लेकिन सरकारी आंकड़ों में पूरा खेल ही बदल गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे जिले में सिर्फ 18 मौतें हुईं। सबसे ज्यादा 3,034 गांवों वाले श्रीगंगानगर में 48 मौतें बताई गईं, जबकि यहां के 28 गांवों में ही 50 दिन में 517 अर्थियां उठ गई हैं।

राजस्थान के अजमेर जिले में कुल 141 मौतें बताई गई हैं, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि, 1,123 गांवों वाले इस जिले के सिर्फ 17 गांवों में ही 78 मौतें बता रहे हैं। वहीं मुण्डोती में 8, बांदरसिंदरी में 11, गणेशपुरा में एक, नलु में 2, खातोलाई में 2, नोहरिया में 2, पाटन में 6, पेडीभाटा में 2, तोलामाल में 4, चुदंडी में 5, डिड़वाडा में 12, चुरली में 5, खड़ाच में 5 और टिहरी में 13 मौतें हुई हैं।

सामने आ रही इस गड़बड़ी को लेकर राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा, ‘हमने पहली 4,262 मौतों का ग्रामीण और शहरी इलाकों में आंकलन करवाया। इसमें से 1,331 मौतें यानी 31.20% ग्रामीण क्षेत्रों में हुई। अब तक कुल 7,806 मौतों का एनालिसिस करवा रहे हैं कि एक महीने में कितनी मौतें गांवों में और कितनी शहरों में हुईं।

 

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