फ्लोर टेस्ट में डूबी उद्धव ठाकरे की नाव, शिंदे सरकार को मिला बहुमत
नई दिल्ली। आज महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए शिंदे सरकार की तरफ से विश्वास प्रस्ताव लाया गया जिसपर वोटिंग भी हुई। विधानसभा में हुए इस फ्लोर टेस्ट में शिंदे सरकार को इसमें बहुमत हासिल हुआ है। विधानसभा में 164 विधायकों का उन्हें समर्थन मिला। स्पीकर का वोट काउंट नहीं किया गया, नहीं तो वोट का ये आंकड़ा 165 तक हो जाता। जहां एक तरफ एकनाथ शिंदे के पक्ष में 164 वोट पड़े हैं तो वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा में एमवीए की झोली में 99 वोट मिले हैं। विधानसभा स्पीकर ने इस फैसले का एलान किया। बता दें, आज होने फ्लोर टेस्ट से पहले ही उद्धव ठाकरे की शिवसेना को एक और बड़ा झटका देते हुए पार्टी का एक और विधायक संतोष बांगर ने शिंदे गुट में शामिल हो गया था। वहीं, विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस के 5 विधायक गैर हाजिर रहे।
गौरतलब हो कि बीते दिनों ही महाराष्ट्र की सत्ता में फेरबदल देखने को मिला है। शिवसेना के ही बागियों ने राज्य के पूरे सियासी घटनाक्रम को पलटकर रख दिया। इसी के साथ ही ये भी साफ हो गया है शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की अपनी पार्टी में किस तरह की पकड़ है। ठाकरे को उनके अपनों ने ही ऐसी चोट दी कि वो सत्ता की कुर्सी को छोड़ने के लिए मजबूर हो गए। यहां तक की पार्टी की साख पर जो असर पड़ा वो अलग है। ठाकरे के ही करीबी शिंदे ने जो चाल चली उसमें फंसे ठाकरे पर अब पार्टी की बची-कुची साख को सुरक्षित रखने में जुटे हैं।
आपको बता दें, 20 जून से महाराष्ट्र में सियासी संकट खड़ा हो गया था। कई दिन तक जारी इस सियारी उठापटक के बीच 29 जून को उद्धव ठाकरे ने राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। ठाकरे के इस्तीफे के अगले ही दिन शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली हैं। उन्हें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शिंदे के साथ ही देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम की शपथ ली।
