तो इस वजह से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नही हो सके बिहार के सीएम नीतीश कुमार
नई दिल्ली। बिहार के सीएम नीतीश कुमार काफी दिनों से सार्वजनिक तौर पर नहीं दिख रहे। द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति पद पर शपथग्रहण के मौके से भी उन्होंने दूरी बनाए रखी। इसके बाद से ही ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश और बीजेपी नेतृत्व के बीच सबकुछ ठीकठाक नहीं है। सियासी खेमे में चर्चा है कि नीतीश और बीजेपी के बीच दूरियां फिर बढ़ गई हैं। इन चर्चाओं को आज आई खबर ने गलत साबित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार बीमार हैं। उनको कोरोना हो गया है। इसी वजह से न तो वो मुख्यमंत्री आवास से निकल रहे और न ही द्रौपदी मुर्मू के शपथग्रहण में ही शामिल हो सके।
बता दें कि नीतीश की पार्टी JDU के पूर्व अध्यक्ष और मोदी सरकार में मंत्री रहे आरसीपी सिंह की आजकल सीएम से तनातनी की खबरें हैं। अटकलें लगाई जाती रही हैं कि आरसीपी सिंह को बीजेपी और पीएम मोदी शह दे रहे हैं। वहीं, तमाम अन्य मसलों पर भी बीजेपी की बिहार इकाई कई बार नीतीश कुमार की नीतियों का विरोध खुलेआम कर चुकी है। इसी वजह से ये अटकलें लगने लगी हैं कि नीतीश और बीजेपी के बीच एक बार फिर बने रिश्ते भी खटाई में पड़ चुके हैं।
बात करें द्रौपदी मुर्मू की राष्ट्रपति पद पर उम्मीदवारी की, तो एनडीए के सबसे पहले नेता नीतीश कुमार ही थे, जिन्होंने बयान जारी कर उनका समर्थन करने का एलान किया था। नीतीश फिलहाल बीजेपी के ही साथ हैं और आगे भी रहेंगे। ये दावा जेडीयू में उनके करीबी कर रहे हैं। हालांकि, पिछले दिनों जब लालू के बेटे तेजस्वी यादव की रोजा इफ्तार की पार्टी में नीतीश शामिल हुए थे, तो ये अटकलें लगने लगी थीं कि जेडीयू और आरजेडी मिलकर सरकार बना सकते हैं। हालांकि, ये अटकलें भी वक्त के साथ खत्म हो गईं।
