February 16, 2026

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तो फिर सिसोदिया का जेल जाना तय ? जानें सीबीआई की इनवेस्टिगेशन स्टेटस क्या कहती है

नई दिल्ली। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर नई आबकारी नीति में हुई कथित अनियमितता को लेकर सीबीआई छापेमारी करने पहुंची थी। हालांकि, अब छापेमारी खत्म हो चुकी है। सीबीआई की टीम सिसोदिया के आवास से रूखसत हो चुकी हैं। सीबीआई की चली मैराथन छापेमारी के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या आगामी दिनों में आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र की भांति डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को भी सलाखों के पीछे जाना पड़ सकता है? क्या उन्हें भी जेल की रोटी और पानी पड़ेगा। अब सवाल आज सुबह से ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

उधर, इस पूरे मसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में सियासी नुमाइंदों के रूख की बात करें, तो बीजेपी के तमाम नेता आम आदमी पार्टी पर हमलावर रहे हैं, तो वहीं आप के सभी नेता आज डिफेंसिव मूड में दिखें। आप नेताओं का कहना है कि न्यूयॉर्क टाइम्स और खलील टाइम्स में दिल्ली के शिक्षा मॉडल के संदर्भ में किए गए गुणगान के बाद से केंद्र की मोदी सरकार की बौखला गई है, जिसके बाद यह कार्रवाई की जा रही है, लेकिन बीजेपी का कहना है कि यह आम आदमी पार्टी द्वारा विदेशी अखबारों में प्रकाशित करवाई गई पेड न्यूज है और कुछ भी नहीं है।

आपको बता दें कि सीबीआई ने यह कार्रवाई राजधानी दिल्ली के  प्रमुख सचिव द्वारा आबकारी नीति में कथित अनियमितता और विसंगतियों की बातों का जिक्र कर एलजी से जांच की अनुशंसा की थी। जिसे संज्ञान में लेने के उपरांत उपरोक्त कार्रवाई की गई है। दरअसल, सिसोदिया पर आरोप है कि उन्होंने राजधानी दिल्ली की नई आबकारी नीति बनाने में तमात अनियमितता और विसंगितयां बरती हैं, जिसकी जांच अनिवार्य है। फिलहाल, उपरोक्त प्रकरण को संज्ञान में  लेने के बाद सीबीआई की जांच जारी है। लेकिन, इस बीच सवाल यह  उठ रहे हैं कि  क्या सिसोदिया की गिरफ्तारी होगी। क्या उन्हें सत्येंद्र जैन की  भांति सलाखों के पीछे जाना पड़ सकता है। बता दें कि बीते दिनों बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधने के क्रम में  सिसोदिया के जेल जाने की भविष्यवाणी की थी।

 

उधर, बीजेपी का कहना है कि सिसोदिया की गिरफ्तारी तय है। लेकिन, इस पूरे मसले को लेकर कायदे के चश्मे से देखे तो अगर सिसोदिया इस पूरे मसले में सीबीआई का सहयोग नहीं करेंगे। सीबीआई की पूछताछ में शामिल नहीं होंगे तो उनकी गिरफ्तारी की तय  होगी। ध्यान रहे कि ऐसा ही कुछ बीते दिनों सत्येंद्र जैन की स्थिति में भी देखने को मिला था।  वे भी जांच एजेंसी का सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। बहरहाल, अब आगामी दिनों में यह पूरा माजरा क्या कुछ रुख अख्तियार करता है।

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