Bihar: गया के विष्णुपद मंदिर में नीतीश के मुस्लिम मंत्री के घुसने पर मचा बवाल, मंदिर समिति ने पद से हटाने की रखी मांग
नई दिल्ली। नीतीश सरकार के मंत्री इसराइल मंसूरी को पद से हटाने की मांग तेज हो गई है। गया के विष्णुपद मंदिर के प्रबंधन समिति की ओर से ये मांग की गई है। वहीं, बीजेपी ने भी इसराइल मंसूरी के मसले को उठाकर सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। दरअसल, कल यानी सोमवार को नीतीश कुमार गया के विष्णुपद मंदिर गए थे। वहां गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है। इसके बावजूद नीतीश के साथ मंदिर के गर्भगृह में उनकी सरकार में मंत्री इसराइल मंसूरी भी घुस गए। वहां नीतीश ने पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु के चरणों के चिन्ह पर रक्त चंदन भी लगाया। इस दौरान वीडियो बनता रहा। वीडियो बनाने वालों ने भी इसराइल मंसूरी के गर्भगृह में पहुंचने की जानकारी मंदिर प्रबंधन को नहीं दी।
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इसराइल मंसूरी को वो पहचानते नहीं थे। इसराइल मंसूरी ने इस बीच बयान दिया है कि विष्णुपद मंदिर में जाने को वो अपना सौभाग्य समझते हैं, लेकिन मंदिर प्रबंधन समिति इसे नहीं मान रही। समिति का कहना है कि इसराइल ने गलत किया और मुख्यमंत्री को उन्हें पद से तुरंत हटाना चाहिए। मंदिर समिति के एक सदस्य ने से कहा कि इस घटना से बिहार में सांप्रदायिक तनाव तक बढ़ सकता है। सदस्य ने कहा कि उन्होंने इस घटना पर हिंदुओं से माफी मांगी है।
प्रबंधन समिति के सदस्य ने सवाल के जवाब में ये भी बताया कि मंत्री इसराइल मंसूरी ने न तो विष्णुपद की पूजा की और न ही वहां का प्रसाद ही ग्रहण किया। उनका कहना था कि जिन लोगों ने बाद में वीडियो वायरल किया, वे भी अगर बता देते कि मुस्लिम मंत्री ने गर्भगृह में प्रवेश किया है, तो कोई कदम उठाया जा सकता था। बता दें कि विष्णुपद मंदिर में मुख्य गेट पर ही एक पत्थर पर उर्दू, हिंदी और बांग्ला भाषा में लिखा है कि यहां गैर हिंदू का प्रवेश वर्जित है।
उधर भाजपा ने भी इस मामले में नीतीश कुमार को आड़े हाथ लिया है। भाजपा की ओर से बयान जारी कर नीतीश से पूछा गया है कि आखिर वो हिंदुओं का और कितना अपमान करेंगे। माना जा रहा है कि बीजेपी इस मसले को उठाकर बिहार के हिंदुओं को नीतीश और लालू की पार्टी के पाले से हटाने के लिए अब मामले को और गरमाएगी। आने वाले दिनों में इस मसले पर बिहार की सियासत और गर्मा सकती है।
