April 30, 2026

Hind foucs news

hindi new update

नीतीश से गुपचुप मुलाकात में क्या बातें हुई? प्रशांत किशोर ने दिनकर की एक कविता से नीतीश के अरमानों पर फेर दिया पानी

नई दिल्ली। बिहार के सीएम नीतीश कुमार से पहले बयानों की जंग लड़ने और फिर उनसे दो दिन पहले लंबी मुलाकात के बारे में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपनी जुबान खोली है। पीके के नाम से मशहूर प्रशांत किशोर ने टीवी चैनल ‘आजतक’ से बातचीत में नीतीश से अपनी मुलाकात के दौरान हुई बातचीत का खुलासा किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने नीतीश से कहा कि बिहार का विकास किए बगैर बीजेपी विरोध करके कुछ नहीं हो सकता। पीके ने ये फिर कहा कि नीतीश दिल्ली जाकर तमाम विपक्षी नेताओं से मिले, लेकिन चाय पीने से कुछ हासिल नहीं होगा। जनता के लिए बेहतर योजना बनाकर, बेहतर चेहरा सामने लाकर और मैदान में कार्यकर्ताओं को उतारकर ही विपक्ष मजबूत हो सकता है। उन्होंने नीतीश से ये भी साफ कह दिया है कि अपनी अलग सियासी पहचान बनाने के लिए 2 अक्टूबर से पदयात्रा के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं करेंगे।

इससे पहले, आज एक ट्वीट कर प्रशांत किशोर ने इशारों-इशारों में जवाब दे दिया था। बेगूसराय फायरिंग कांड के बाद प्रशांत किशोर ने वहीं जन्मे राष्ट्रकवि दिनकर के शब्दों का सहारा लिया। पीके ने ट्वीट किया, ‘तेरी सहायता से जय तो मैं अनायास पा जाऊंगा, आनेवाली मानवता को, लेकिन, क्या मुख दिखलाऊंगा?- दिनकर’।

प्रशांत ने बेगूसराय में कई लोगों को गोली मारने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा कि गृह विभाग नीतीश के पास है और जिम्मेदारी उनकी बनती है। पीके ने कहा कि पिछले कुछ सालों में बिहार में कानून और व्यवस्था की हालत बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी की वजह से भी अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने इसपर फिर से विचार करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि गरीब वंचित शराबबंदी में गिरफ्तार हो रहे हैं। इससे किसी का भला नहीं हो रहा है। लोग परेशान हैं और सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। प्रशांत ने ये आरोप लगाया कि बिहार के अफसर अपना काम छोड़ दूसरे काम पर ज्यादा ध्यान देते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि बिहार में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। पीके ने ये भी कहा कि बिहार के लोग अब मंडल या कमंडल से ऊपर उठ चुके हैं।

बता दें कि प्रशांत किशोर और नीतीश के बीच बीते दिनों जमकर बयानों की जंग हुई थी। प्रशांत किशोर ने कहा था कि नीतीश सिर्फ कुर्सी पर फेविकोल का जोड़ लगाकर बैठते हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि नीतीश के विपक्ष के साथ जाने से राष्ट्रीय राजनीति में कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं, नीतीश ने कहा था कि प्रशांत किशोर तो अंडबंड बात करते ही रहते हैं। हालांकि, पीके से मुलाकात के बाद नीतीश ने कहा था कि मैंने उनसे काफी कुछ बात की है। अब देखना है कि प्रशांत क्या कदम उठाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *