July 16, 2026

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नहीं काम आई मुक्तखोरी की सियासत, AAP के CM फेस इशुदान गढ़वी को गुजरात चुनाव में मिली करारी शिकस्त

नई दिल्ली। दिल्ली और पंजाब में मिली मिली जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी ने गुजरात के सियासी दंगल में भी किस्मत आजमाई लेकिन अफसोस जनता ने उन पर भरोसा नहीं जताया। बता दें, शुरुआती रूझानों को देखकर ‘आप’ का सफाया होता हुआ नजर आ रहा है। उधर, आप के बैनर तले चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों की हालत पस्त हो चुकी है और कइयों की जमानत भी जब्त हो चुकी है। गुजरात चुनाव में आप की दुर्गति का अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि सीएम पद के प्रत्याशी इशुदान गढ़वी पर भी प्रदेश की जनता ने भरोसा जताने से एतराज किया। जिसका नतीजा यह है कि चुनाव में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। प्रदेश की जनता ने उन पर भरोसा नहीं जताया है।

बता दें, पत्रकारिता के दंगल में अपने दांवपेच के दम पर अपनी अलग पहचान बनाने वाले आप के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी इशुदान गढ़वी चुनाव हार चुके हैं। पत्रकारिता में कई बड़े कीर्तिमान स्थापित करने वाले इशुदान गढ़वी पर आप ने भरोसा जताया था, लेकिन अफसोस वो उस भरोसे पर नहीं उतर नहीं पाए और बीजेपी की लहर में सिमट कर ही रह गए।

इसके अलावा गुजरात चुनाव से पूर्व पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाले गुजरात से आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष गोपाल इटालिया भी हार दी दिशा में ही जाते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें, गोपाल 50 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं।  ध्यान रहे, चुनाव से पहले उन्होंने बाकायदा वीडियो जारी कर पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। जिसे लेकर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल भी सवालों के घेरे में आ गए थे।

घाटलोडिया सीट

यहां से सीएम भूपेंद्र पटेल चुनावी मैदान में उतरे थे। शुरुआती रूझानों में भी पटेल बढ़त बनाते हुए नजर आ रहे थे और अब फाइनली उन्होंने जीत दर्ज कर ली है। वे शुरूआती रुझानों में ही 15 हजार वोटों से आगे चल रहे थे।

वीरमगाम

यहां से बीजेपी प्रत्याशी हार्दिक पटेल को हार का मुंह देखना पड़ा है। बताया जा रहा है कि बीजेपी के ही कई नेता उनसे खफा थे और उनके विधानसभा क्षेत्र के लोग भी उनसे नाराज थे, जिसकी वजह से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है।

वडगाम

इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी जिग्नेश मेवाणी भाजपा के मनिभाई से 1192 वोटों से पीछे चल रहे हैं। वडगाम सुरक्षित सीट है। 2017 के विधानसभा चुनाव में जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय जीते थे।

मोरबी विधानसभा सीट

वहीं मोरबी में बीजेपी के प्रदर्शन की बात करें, तो यहां भी पार्टी बढ़त बनाती हुई नजर आ रही है और इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कांतिलाल अमृतिया जीत की दिशा में आगे बढ़ रही है। कांग्रेस प्रत्याशी जयंतीलाल पटेल से 44 हजार वोटों से आगे हैं। लेकिन, वर्तमान में परिदृश्य को देखकर यह कहना उचित होगा कि जिस तरह मोरबी पुल हादसे का जिक्र कर कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोला था, वो कांग्रेस को काम नहीं आया है।

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