Indian Economy: वैश्विक सुस्ती के बीच भारत है चमकता सितारा, दुनियाभर में बढ़ी देश की साख
नई दिल्ली। साल 2022 विकास के लिहाज से भारत के लिए अद्भुत, अकल्पनीय व अविस्मरणीय रहा। जहां एक तरफ दुनिया की आधी आबादी लाचारी, दुश्वारी और बदहाली से जूझती रही, तो वहीं भारत ने कई प्रशंसनीय कीर्तिमान स्थापित कर सभी विकसित देशों को अचभिंत किया और यह सबकुछ मुमकिन हो पाया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई की बदौलत। यूं तो भारत ने पीएम मोदी के आठ साल की अगुवाई में कई कीर्तिमान स्थापित किए, लेकिन साल 2022 कैसे शेष वर्षों की तुलना में अनुपम रहा। आइए, विस्तार से जानते हैं।
अर्थव्यस्था के मोर्चे पर बजा भारत का डंका
जरा याद कीजिए उन दिनों को जब भारतीय अर्थव्यवस्था को विकसित देशों के अगुवों द्वारा हेय दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी अगुवाई में ना महज विश्व के नेताओं को भारतीय अर्थव्यवस्था की ओर देखने का नजरिया बदलने पर मजबूर कर दिया, बल्कि जो लोग कल तक भारतीय अर्थव्यवस्था को हेय दृष्टि से देखा करते थे। वही भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ में कसीदे पढ़ने पर मजबूर भी हुए।
साल 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था यूनाइटेड किंगडम जैसी महाशक्ति माने जाने देश की अर्थव्यवस्था को पछाड़कर विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में कामयाब हुआ। मौजूदा वक्त में भारत महज चीन, जापान, अमेरिका और जर्मनी से ही पीछे है। आज से एक दशक पहले भारत विश्व की 11वीं बड़ी अर्थव्यवस्था हुआ करता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में आर्थिकी के मोर्चे पर कई ऐसे फैसले लिए जिसके नतीजतन आज भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सफल हो पाया है।
ध्यान रहे साल 2022 में पीएम मोदी ने आर्थिक मोर्चे पर मौजूदा प्रतिबंधों में ढील देकर समाज के सभी वर्गों को व्यापार करने के लिए प्रोत्साहित किया और इसके लिए सरकार की तरफ से ऋण मुहैया कराए जाने का भी प्रावधान किया। जिसकी बदौलत आज भारत विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सफल हो पाया है।
कई आर्थिक एजेंसियों ने भी माना भारत का लोहा
आपको बता दें कि साल 2022 में आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक सहित कई बड़ी वित्तीय एजेंसियों ने भारत को निवेश के लिए मुफीद ठिकाना बताया है और विश्व के निवेशकर्ताओं को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। ध्यान रहे, पहले आईएमएफ जैसी एजेंसियां भारत को निवेश के लिए सुरक्षित बताने से परहेज किया था।
