बजरंग दल पर बैन की बात कहने वाली कांग्रेस बैकफुट पर, वीरप्पा मोइली बोले- हम ऐसा नहीं कर सकते
नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस के मैनिफेस्टो में बजरंग दल को बैन करने को लेकर घमासान तेज होता जा रहा है। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस द्वारा बजरंग दल को बैन लगाने के वादे पर लगातार निशाना साध रहे है। साथ ही सत्तारूढ़ भाजपा और हिंदू संगठनों ने भी कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर हमलावर हो गई है। कांग्रेस के मैनिफेस्टो में बजरंग दल को बैन करने को लेकर देशभर में घमासान तेज हो गया है। वहीं दूसरी तरफ बजरंग दल पर बैन लगाने वाले घोषणा पर भाजपा की आक्रामकता पर कांग्रेस बैकफुट पर नजर आ रही है। इसी बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरप्पा मोइली ने राज्य मे बजरंग दल के बैन करने पर ऐसा बयान दिया है जिसके बाद पार्टी के अंदर ही घमासान मच सकता है।
दरअसल वीरप्पा मोइली ने कहा कि बजरंग दल पर बैन लगाने का हमारा कोई सुझाव नहीं है। उन्होंने ये बयान उडुपी में मीडिया से बात करते हुए दिया। उन्होंने कहा कि मैनिफेस्टो में पीएफआई और बजरंग दल जैसी संस्था का जिक्र किया गया है। हमारा बजरंग दल पर बैन लगाने का कोई सुझाव नहीं है। राज्य सरकार के पास पीएफआई या बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है। डीके शिवकुमार उसी पर स्पष्टता देंगे।
वीरप्पा मोइली के बयान के बाद से साफ हो जाता है कि कांग्रेस अब कर्नाटक में डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुट गई है। बजरंग दल को बैन करने के वादे पर खुद को घिरती देख कांग्रेस पार्टी अब इससे पीछे हटाते दिखाई दे रही है। गौरतलब है कि 2 मई को कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी किया था। जिसमें पार्टी ने बजरंग दल की तुलना पीएफआई से की थी।
