May 1, 2026

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मध्य प्रदेश में ‘द केरला स्टोरी’ हुई टैक्स फ्री, अब इस राज्य में उठी ऐसी मांग

नई दिल्ली। विवाद और विरोध के बीच सिनेमाघरों में दर्शकों को हकीकत से रूबरू कराने वाली फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ को अब टैक्स फ्री करने की मांग की जा रही है। सबसे पहले यह मांग शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाले मध्य प्रदेश में उठी जिसके बाद फौरन सीएम ने इस फिल्म को कर मुक्त करने का ऐलान कर दिया। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद अपने ट्विटर हैंडल पर दी है। इस उन्होंने क्या कुछ कहा है। आइए, आगे आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

क्या बोले सीएम शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘द केरला स्टोरी’ धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद को उजागर करती है। उसके घिनौने चेहरे को सामने लाती है। ऐसे में जो बेटियां इस कुचक्र में उलझ जाती हैं, उनकी कैसे बर्बादी होती है। यह फिल्म बताती है। इसके साथ ही यह फिल्म आतंकवाद की रूपरेखा के बारे में भी बताती है। यह फिल्म हमें जागरूक करती है। मध्य प्रदेश में पहले ही धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाया जा चुका है। वहीं, अब जिस तरह से फिल्म में सच्चाई को बयां किया गया है, उसे लेकर हम इसे प्रदेश में कर मुक्त करने जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देख सकें। तो इस तरह से मध्य प्रदेश द केरला स्टोरी को कर मुक्त करने वाला पहला राज्य बन चुका है।

महाराष्ट्र में भी उठी मांग

वहीं, मध्य प्रदेश के बाद अब महाराष्ट्र में भी द केरला स्टोरी को कर मुक्त करने की मांग उठी है। दरअसल, सकल हिंदू समाज ने फिल्म को कर मुक्त करने की मांग उठाई है। इसके अलावा शिंदे सरकार से मांग की है कि लव जिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ कड़े कानून बनाए जाए, ताकि इस तरह के तंत्रों का खात्मा ज़ड़ से हो सकें।

क्यों हो रहा फिल्म का विरोध

उधर, अब आपके जेहन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इस फिल्म का विशेष समुदाय और कुछ राजनीतिक दलों द्वारा क्यों विरोध किया जा रहा है? दरअसल, इस फिल्म में लव जिहाद की पूरी प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें बताया गया है कि कैसे हिंदू युवतियों को मुस्लिम युवक प्रेम जाल में फंसाकर पहले उनका धर्मांतरण कराते हैं और इसके बाद उन्हें आतंकी संगठन में शामिल कराने के लिए सीरिया जैसे मुल्क में भेज देते हैं। जहां उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है और भारत के खिलाफ जहर बोया जाता है। इस फिल्म में एक प्रकार से आतंकी साजिश का खुलासा कर दिया गया है। लेकिन, कुछ लोग इस फिल्म को सामाजिक विभाजन का कारण बता रहे हैं, तो कुछ संविधान की दुहाई दे रहा है।

कोर्ट भी पहुंचा मामला

इतना ही नहीं, बीते दिनों यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। कोर्ट में फिल्म को बैन कराने की मांग को लेकर याचिका दाखिल हुई थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने केरल हाईकोर्ट का रूख किया, लेकिन वहां भी याचिका खारिज कर दी गई। बहरहाल, गत शुक्रवार को फिल्म रिलीज हुई। दर्शकों का रिस्पांस भी सकारात्मक रहा है, लेकिन इसके बावजूद राजनीतिक तपिश कम नहीं हो रही है। अब ऐसी स्थिति में फिल्म को लेकर जारी विरोध का सिलसिला कब विराम लेता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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