भीलवाड़ा में बच्ची के साथ दरिंदगी, कोयले की भट्टी में मिले अवशेष, मची सनसनी
नई दिल्ली। राजस्थान में आपधारिक घटनाओं में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इस बार भीलवाड़ा से दिल दहलाने देने वाली वारदात सामने आई है। जहां 14 साल की एक नाबालिग के अवशेष खेत के पास कोयले की भट्टी में मिले है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इतना ही नहीं वारदात के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। लोग सड़क पर उतकर प्रदर्शन कर रहे है। बता दें कि मामला कोटड़ी थाना क्षेत्र के नरसिंहपुरा का है। बताया जा रहा है कि मां के साथ बच्ची चराने गई थी और दोपहर बाद घर नहीं लौटी। जिसके बाद परिजनों ने तलाश शुरू की। परिजनों की संदेह पर जब भट्टी की तालाशी ली तो उसमें नाबालिक के अवशेष मिले। घटनास्थल पर पुलिस और डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची है। परिजनों का आरोप है कि बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ है और फिर उसे भट्टी में जला दिया गया। पुलिस ने मामले में 3 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ पुलिस मौके से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
वहीं इस घटना को लेकर राजस्थान की गहलोत सरकार भाजपा के निशाने पर आ गई है। राजस्थान के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने भीलवाड़ा की घटना को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”भीलवाड़ा में रात को जो घटना घटित हुई है, वह सब को हिला देने वाली है। एक 15 साल की बच्ची के साथ दुराचार करके उसको अवैध कोयला की भट्ठी में डालकर जिंदा जला देना। राख कर देना मैं सोचता हूं ऐसी घटना देशभर में कहीं नहीं होती है। जब बच्ची गुम हो जाती है तो परिजन पुलिस के पास जाती है कि हमारी बच्ची गुम हो गई। पुलिस उनकी मदद करने की बजाए। उनको परेशान किया जाता है। मुख्यमंत्री को शर्म के मारे इस्तीफा दे देना चाहिए। राजस्थान में एक के बाद एक ऐसी वारदात हो रही है जो राजस्थान की शर्मसार कर देती है। ”
इस घटना पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ”राजस्थान में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। जिस पर राजस्थान की कानून व्यवस्था की लाल डायरी से काले कारनामों के लंबे-लंबे चैप्टर निकलकर आ रहे है। आज भीलवाड़ा में 14 साल की बच्ची के टुकड़े-टुकड़े करके उसे जलाकर राख कर दिया गया। गैंगरेप आशंका जताई गई है। अलवर में 24 घंटे में 4 बच्चियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म हो रहा है। लेकिन पुलिस कोई भी कार्रवाई नहीं करती है। लेकिन कांग्रेस या राहुल गांधी ने इस पर या राजस्थान में प्रतिदिन होने वाली 10 से अधिक घटनाओं पर एक शब्द भी नहीं बोला।”
