महिलाओं से छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, CM गहलोत का ऐलान
नई दिल्ली। राजस्थान में इसी साल के आखिर में विधानसभा के चुनाव होने वाले है। चुनाव से पहले राज्य की गहलोत सरकार लचर कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा के निशाने पर है। हाल ही भीलवाड़ा में नाबालिग लड़की के दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी और फिर शव को भट्टी में जलाया दिया। हालांकि पुलिस ने मामले 4 आरोपी को गिरफ्तार किया था। वहीं लगातार खराब कानून-व्यवस्था और महिलाओं के साथ हो रही छेड़खानी के मामले को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा ऐलान किया है। सीएम गहलोत ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को सरकारी नौकरी से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है।
इसकी जानकारी सीएम अशोक गहलोत ने खुद अपने ट्विटर हैंडल के जरिए दी है। उन्होंने लिखा, ”राज्य सरकार ने फैसला किया है कि बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास एवं दुष्कर्म के आरोपियों एवं मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित किया जाएगा।”
सीएम गहलोत ने आगे लिखा, ”इसके लिए मनचलों का भी पुलिस थानों में हिस्ट्रीशीटरों की तरह रिकॉर्ड रखा जाएगा एवं राज्य सरकार/ पुलिस द्वारा जारी किए जाने वाले इनके चरित्र प्रमाण पत्र पर यह अंकित किया जाएगा। ऐसे असमाजिक तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करना आवश्यक है।”
बता दें कि राज्य में बीते कई महीनों में आपराधिक घटनाओं में लगातार इजाफा हुआ है। जिसकी वजह से राज्य की कांग्रेस सरकार की जमकर किरकिरी भी हुई है। इसी वजह से अब सीएम गहलोत ने मनचलों और आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने का फैसला लिया। अब राजस्थान में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वालों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।
