मौलवियों-पुजारियों का भत्ता बढ़ाकर ममता बनर्जी बोलीं- एनआरसी लागू नहीं होने दूंगी, बीजेपी ने ऐसे किया पलटवार
कोलकाता। टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने सोमवार को एक कार्यक्रम में मौलवियों और पुजारियों के मासिक भत्ते में 500 रुपए बढ़ोतरी का एलान किया। ममता ने इस कार्यक्रम में ये भी कहा कि वो कभी भी पश्चिम बंगाल में सीएए, एनआरसी या यूसीसी लागू नहीं होने देंगी। ममता बनर्जी ने कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में इमामों और मुअज्जिनों के सम्मेलन में ये एलान किया। ममता ने इस मौके पर कहा कि लोगों ने उनकी मान्यताओं के लिए बदनाम किया है। ममता ने कहा कि जब वो रोजा इफ्तार में शामिल होती हैं, तो उनकी तस्वीरों को दिखाकर मजाक उड़ाया जाता है। उन्होंने ये दावा भी किया कि 6 महीने बाद नरेंद्र मोदी पीएम पद पर नहीं रहेंगे।
मौलवियों और मुअज्जिनों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने मेरा नाम बदलने की भी कोशिश की। टीएमसी सुप्रीमो ममता ने आगे कहा कि उनको ऐसी चीजों की कोई परवाह नहीं है। पश्चिम बंगाल की सीएम ने मौलवियों और मुअज्जिनों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका कर्तव्य ये देखना है कि अलग-अलग धर्मों के लोग आपस में न लड़ें। ममता ने कार्यक्रम में कहा कि वो जीवन भर सभी समुदायों के लिए काम करती रहेंगी। वो सभी के लिए प्यार और सम्मान की बात करती हैं और करती रहेंगी।
ममता के बयान और मौलवियों और पुजारियों के भत्ते में बढ़ोतरी के फैसले ने सियासी रंग ले लिया है। बीजेपी ने ममता पर मुसलमानों को धोखा देने का आरोप लगाया है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी के अध्यक्ष सुकांत मजुमदार ने कहा है कि ममता बनर्जी के साथ भारत नहीं है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी 2014 और 2019 में हश्र देख चुकी हैं और देश के लोग पीएम नरेंद्र मोदी का साथ दे रहे हैं। सुकांत मजुमदार ने कहा कि अभी तो यूसीसी पर बिल ही नहीं आया है। रही बात सीएए की, तो वो लागू होगा और ममता बनर्जी इसे लागू होने से रोक नहीं सकेंगी।
