लद्दाख मसले पर भारत से तनाव के कारण जी-20 बैठक से किनारा कर सकते हैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रिपोर्ट में दावा
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में तनाव और चीन के नए नक्शे में अक्साई चिन और अरुणचल प्रदेश दिखाए जाने पर भारत की सख्त प्रतिक्रिया का असर जी-20 की बैठक में देखने को मिल सकता है। ऐसी खबरें हैं कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली में होने वाली जी-20 देशों की शिखर बैठक में शामिल नहीं होंगे। खबरों के मुताबिक चीन में एक राजनयिक और वहां के एक अधिकारी ने बताया कि शी जिनपिंग की जगह जी-20 देशों की बैठक में चीन के पीएम ली कियांग आ सकते हैं। चीन और भारत की तरफ से अभी इस बारे में कोई बयान नहीं दिया गया है।
पहले कयास लग रहे थे कि जी-20 की बैठक के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और जिनपिंग के बीच बातचीत की भी संभावना थी, लेकिन अब अगर जिनपिंग नहीं आते हैं, तो बातचीत का रास्ता नहीं खुलेगा। बीते दिनों जब पीएम मोदी ब्रिक्स की शिखर बैठक में दक्षिण अफ्रीका गए थे, उस वक्त वहां लाउंज में उनकी शी जिनपिंग से थोड़ी देर बात हुई थी। इस पर भी विवाद खड़ा हुआ था। चीन ने दावा किया था कि भारत ने इस बातचीत का आग्रह किया था। जबकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने चीन के आग्रह पर बातचीत का दावा किया था।
भारत और चीन के बीच साल 2020 से ही काफी तनाव है। डोकलाम विवाद के बाद गलवान में चीन और भारत के सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। इस संघर्ष में भारतीय सेना के कर्नल बी. संतोष बाबू और 19 अन्य जवान शहीद हुए थे। जबकि, चीन के भी 40 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने की खबर आई थी। चीन ने हालांकि अपने 3 ही सैनिकों की मौत की पुष्टि की थी। चीन ने पहले से ही पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक पर कब्जा कर रखा है। इसी वजह से तनाव काफी बढ़ा हुआ है।
