बकरीद पर बाजारों को खोलने की इजाजत देना केरल सरकार को पड़ा महंगा, SC ने लगाई फटकार
नई दिल्ली। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। दरअसल कोरोना संकट के बीच देशभर में समारोह और त्योहारों को सार्वजनिक तौर पर मनाने पर रोक लगाई गई है। लेकिन इस बीच केरल सरकार ने बकरीद के मौके पर लोगों को दुकानें खोलने की इजाजत दी थी। जिसपर आज सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए केरल सरकार को खरी-खरी सुनाते हुए चेतावनी भी दी है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि केरल सरकार कांवड़ यात्रा में दिए आदेश का पालन करे। कोर्ट ने ये भी कहा कि अफसोस की बात है कि राज्य सरकार व्यापारी संगठनों के दबाव में आ गई। इन इलाकों में भी दुकान खोलने की मंजूरी दी, जहां कोरोना की पॉजिटिविटी रेट 15 फीसदी से ज्यादा है।
याचिकाकर्ता के वकील विकास सिंह ने कोर्ट में कहा कि 10 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट के साथ केरल सरकार दुकानें खोलने की मंजूरी दे रही है। केरल सरकार यह भी कह रही है कि व्यापारियों ने कहा है कि वे हर हाल में दुकानें खोलेंगे। इस तरह दबाव में सरकार आ गई। दबाव में सरकार चलाने के योग्य आप नहीं हैं। इस पर केरल सरकार के वकील रंजीत कुमार ने कहा कि 15 जून से ही दफ्तर और दुकानें खुलने लगी थीं। ऐसा नहीं है कि ये आज ही हो रहा है। हालात को देखकर धीरे-धीरे छूट बढ़ाई जा रही है।
केरल सरकार ने इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि लॉकडाउन हमेशा के लिए नहीं चल सकता। मंदी से परेशान व्यापारियों को राहत देने के लिए उसने बकरीद पर दुकानें खोलने की मंजूरी दी है।
इस पर जस्टिस नरीमन ने कहा कि केरल सरकार के फैसले से अगर कोरोना फैलता है, तो जनता का कोई भी हमारे पास आ सकता है। तब हम एक्शन लेंगे। उन्होंने याचिकाकर्ता से ये भी कहा कि आप देर से हमारे पास आए। बता दें कि केरल में आज ही बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है। बाकी देश में बकरीद कल मनाई जाएगी।
