बालमुकुंदचार्य ने अब अपने बयान पर दी सफ़ाई, बताया नॉनवेज की दुकानों को लेकर अधिकारियों को क्यों हड़काया था?
नई दिल्ली। देश के तीन बड़े हिंदी हार्टलैंड में जीत मिलने के बाद बीजेपी का उत्साह इस कदर अपने चरम पर पहुंच चुका है कि भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य ने बाकायदा अधिकारी को फोन कर नॉन वेज की सभी दुकानों को बंद करने का फरमान सुना दिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं, वीडियो प्रकाश में आने के बाद लोगों का गुस्सा उनके खिलाफ अपने चरम पर पहुंच चुका है। यहां तक कि मशहूर शायर और कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी बालमुंकदाचार्य का वीडियो अपने एक्स अकाउंट पर साझा कर कहा कि, ‘ये भाजपा की सबका साथ – सबका विकास की सच्चाई है, भाजपा के राजस्थान से नवनिर्वाचित विधायक महोदय को नॉन वेज दूकानों से इतनी परेशानी है कि अपने शपथ लेने से पहले चिंता दूकानों को बंद करवाने की है। क्या नरेंद्र मोदी जी अपने एैसे जनप्रतिनिधियों पर लगाम लगायेंगे ? इस सीट पर असदउद्दीन ओवैसी जी की पार्टी ने उतने ही 600 वोट काटे जितने वोट से ये महोदय चुनाव जीते हैं’।
वहीं, इस वीडियो के प्रकाश में आने के बाद सियासी गलियारों में भूचाल मच चुका है। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के नेता बालमुंकदाचार्य का विरोध कर रहे हैं। इस बीच बालमुंकदाचार्य ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। आइए, आगे आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या कुछ कहा है ?
क्या बोले बालमुंकदाचार्या ?
आपको बता दें कि बालमुंकदाचार्या ने कहा कि,’ आप सभी लोगों को मैं नमस्कार करता हूं। कल एक वीडियो वायरल हुआ मेरा। जिसमें अधिकारियों से मैं बात कर रहा हूं। पिछले कई वर्षों से मैं अधिकारियों से इस बारे में बात कर रहा हूं कि हमारे क्षेत्र में। संपूर्ण क्षेत्र में। परकोटे के सभी विधानसभा में। खुलेआम रोड पर मंदिरों के आसपास। गली-मोहल्ले में हर कोने पर। बहुत सारी मांस की दुकानें खुली हुई हैं, लेकिन मांस की दुकानों का नियम होता है कि जब मांस का कोई भी काम करते हैं, तो उसे आपको ढक कर रखना पड़ता है। लाइसेंस लेना पड़ता है। इन सब चीजों का आपको ध्यान रखना होता है। लेकिन मैंने यह अनुभव किया है कि मैंने कई बार इस संदर्भ में शिकायत की थी। यहां तक की माताओं और बहनों की शिकायतें भी मेरे पास आईं थीं कि हमारे यहां खुले आम मांस की दुकानें खुली हुई हैं। कोई बिरयानी के नाम से है, तो कोई किसी नाम से है। सबका अपना काम है, आप करें, लेकिन सबके अपने नियम हैं। आप नियमों के अनरूप करें।
आप लाइसेंस ले कर करें। आप उसे ढक कर करें। आप खुलेआम नहीं कर सकते। कल मेरे पास इस बारे में शिकायत करने कई लोग आए थे, तो मैंने अधिकारियों से शिकायत की। वैसे आप मांस की दुकानें खोल सकते हैं। किसी को कोई आपत्ति नहीं है। मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मेरा बस इतना सा निवेदन था कि आप नियमों के अनरूप काम करें। अगर आप नियमों के अनुरूप काम नहीं करेंगे तो आपको विधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। अ्गर कोई नियमों के अनरूप काम नहीं कर रहा है, तो उसे बंद किया जाए और अगर नियमों के अनरूप काम कर रहा है, तो उसे करने दिया जाए, हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब ना देते हुए सिर्फ इतना कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि ये उनका काम है, ये उनका काम है। हालांकि, तीन घंटे के बाद एक अधिकारी मौके पर आए, तो मैंने उनसे कहा कि अगर आपको लगता है कि यह सबकुछ नियमों के अनरूप हो रहा है, तो आप मेरे साथ मौके पर चलिए। हम मौके पर गए। अधिकारियों ने 10-12 दुकान वालों से पूछा लेकिन किसी के पास भी लाइसेंस नहीं था। कुछ भी नियमों के अनरूप नहीं था। इसके बाद सभी अपनी दुकानों को बंद करके चले गए। लेकिन कुछ लोगों ने इसे ऐसे प्रचारित किया कि मैं किसी के खिलाफ बोल रहा हूं। मैं किसी के भी खिलाफ नहीं बोल रहा हूं। मेरा सिर्फ इतना कहना है कि अगर कोई नियमों के अनरूप काम नहीं कर रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
