सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद एक्शन में CBI, जजों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में 5 गिरफ्तार
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI एक्शन में आ गई है। सीबीआई ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जजों के बारे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आपत्तिजनक पोस्ट की साजिश की जांच के लिए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने दो साल पहले शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि निचली अदालतों के जज धमकियां मिलने की शिकायत करते हैं, लेकिन सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं करते। चीफ जस्टिस की इस टिप्पणी के बाद सीबीआई ने गिरफ्तारियां करने में देर नहीं लगाईं।
चीफ जस्टिस दरअसल झारखंड के अतिरिक्त जिला जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले की सुनवाई कर रहे थे, जब उन्होंने ये टिप्पणी की। उत्तम आनंद की 28 जुलाई को सुबह सैर करते वक्त ऑटो से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी।
बता दें कि कन्टेंम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट के तहत किसी भी जज के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती। धमकी देने की बात तो और भी गंभीर है। कन्टेंम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट के तहत किसी अदालत के फैसले को गलत बताया जा सकता है या उससे सहमति जताने पर रोक नहीं है, लेकिन किसी भी सूरत में ये नहीं कहा जा सकता कि जज ने किसी बात से प्रेरित होकर फैसला सुनाया है। एक्ट के उल्लंघन के मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण पर अदालत ने एक रुपए का फाइन भी लगाया था। इसी एक्ट के तहत सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू तक को तलब कर लिया था।
