एनआईए जांच, गवर्नर ने पीड़ित महिलाओं के लिए खोले अपने दरवाजे; पश्चिम बंगाल के संदेशखाली मामले में ये है ताजा अपडेट
नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं से कथित तौर पर रेप और उनके उत्पीड़न का मसला काफी गरमाया हुआ है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि कानून इस मामले में काम करेगा। इस बीच, एबीपी न्यूज ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने संदेशखाली मामले में शुरुआती जांच बिठाई है और जल्दी ही इस केस की एफआईआर दर्ज होने जा रही है। सूत्रों के हवाले से न्यूज चैनल ने बताया है कि एनआईए अभी मुख्य आरोपी शाहजहां शेख की तलाश कर रही है।
इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद संदेशखाली जा रहे बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी को पुलिस ने रोक लिया। संदेशखाली से पहले ही पुलिस ने धारा 144 लगा रखी है और वहां शुभेंदु अधिकारी को रोका गया। बाद में अपने साथी बीजेपी विधायक शंकर घोष के साथ शुभेंदु अधिकारी धरने पर बैठे। जिसके बाद उनको संदेशखाली जाने दिया गया। शुभेंदु अधिकारी समेत पूरी बीजेपी इस वक्त संदेशखाली की घटना को लेकर ममता बनर्जी और उनकी पुलिस पर हमलावर है। वहीं, सीपीएम की नेता वृंदा करात भी महिलाओं के दल के साथ संदेशखाली रवाना हुईं। ममता बनर्जी ने बीजेपी और अन्य विपक्षी नेताओं पर संदेशखाली मामले को लेकर हंगामा करने का आरोप लगाया है और कहा है कि कानून अपना काम करेगा।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने राजभवन के 3 कमरे संदेशखाली की महिलाओं के लिए खोल दिए हैं। गवर्नर ने पहले कहा था कि वो महिलाओं की भाई की तरह हैं। सीवी आनंद बोस ने कहा था कि अगर संदेशखाली की कोई पीड़ित महिला वहां रहने से डर रही है, तो उसे राजभवन में रहने की जगह मिलेगी। राजभवन में महिलाओं के लिए भोजन वगैरा की व्यवस्था के साथ ही महिला स्टाफ की भी तैनाती की गई है। संदेशखाली में ही आरोपी टीएमसी नेता शाहजहां शेख के घर छापा मारने गई ईडी टीम पर हमला हुआ था। उस हमले के बाद से शाहजहां शेख फरार है। शाहजहां के फरार होने के बाद 8 फरवरी को संदेशखाली की महिलाओं ने उसके खिलाफ रेप और उत्पीड़न की आवाज उठाई थी। महिलाओं ने शाहजहां शेख समर्थकों के पोल्ट्री फार्म भी जला दिए थे।
