भारत-बांग्लादेश सीमा पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए मोदी सरकार ने गठित की समिति
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने भारत और बांग्लादेश की सीमा (आईबीबी) पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया है। बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद ताजा हालात के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा यह कदम उठाया गया है। इस समिति की अध्यक्षता एडीजी, सीमा सुरक्षा बल, पूर्वी कमान करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी साझा की। गृहमंत्री के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा गठित यह समिति बॉर्डर पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही बांग्लादेश में रह रहे भारतीय नागरिकों, हिंदुओं, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी काम करेगी। इसके लिए समिति में शामिल सदस्य बांग्लादेश में अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे।
आपको बता दें कि बांग्लादेश में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग बॉर्डर पार कर भारत में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। 4,096 किमी लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ के जवान पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। कल ही खुफिया एजेंसियों ने यह दावा किया था कि बांग्लादेश में मौजूदा हालात का फायदा उठाकर वहां की जेल से कई कैदी भाग गए हैं। इन कैदियों में आतंकी घटनाओं में शामिल लोग भी हैं। अब ये लोग बांग्लादेश छोड़कर भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया है कि जेल से भागने वाले कैदियों में बांग्लादेश के प्रतिबंधित इस्लामी आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) और अंसारूल्लाह बांग टीम (एबीटी) के आतंकवादी भी शामिल हैं। मौके का फायदा उठाकर यह लोग भीड़ का हिस्सा बनकर भारत की सीमा में दाखिल होना चाहते हैं। इससे एक दिन पहले भी पंचगढ़ जिले के विभिन्न गांवों से लगभग 500 बांग्लादेशी नागरिकों ने भारत में घुसने की कोशिश की थी। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के पास बॉर्डर पर बांग्लादेशी नागरिकों को रोक दिया था।
