April 17, 2026

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क्या है कर्नाटक का मुडा घोटाला?, जिसमें घिरे कांग्रेस सरकार के सीएम सिद्धारामैया

बेंगलुरु। मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण यानी मुडा से संबंधित एक कथित घोटाला में राज्य की कांग्रेस सरकार के सीएम सिद्धारामैया घिरते नजर आ रहे हैं। कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने मुडा घोटाला में सिद्धारामैया के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दे दी है। गवर्नर ने इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद सीएम सिद्धारामैया पर केस चलाने की मंजूरी दी। इससे पहले उन्होंने सिद्धारामैया पर मुडा घोटाला मामले में केस चलाने पर कैबिनेट की राय मांगी थी। कैबिनेट ने गुरुवार को बैठक के बाद गवर्नर को कारण बताओ नोटिस वापस लेने की सलाह दी थी। सिद्धारामैया कैबिनेट ने मुडा घोटाला को सरकार को अस्थिर करने की कोशिश भी बताया था।

मुडा घोटाला मामले की तमाम शिकायतें मिलने के बाद सीएम पर केस चलाने का आदेश गवर्नर ने दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाले टीजे अब्राहम समेत शिकायत करने वालों ने भ्रष्टाचार विरोधी कानून, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत केस चलाने की मंजूरी मांगी थी। शिकायत करने वालों का आरोप है कि मुडा घोटाला के तहत कर्नाटक के सरकारी खजाने को 45 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने सिद्धारामैया, उनकी पत्नी पार्वती, बेटे और मुडा आयुक्त पर केस चलाने की मांग रखी थी। आरोप ये है कि सीएम सिद्धारामैया की पत्नी की 3 एकड़ 16 गुंटा जमीन मुडा ने अधिग्रहित की। इसके एवज में महंगे क्षेत्र में उनको 14 साइट दे दीं।

मामला ये है कि मुडा ने शहरी विकास में जमीन गंवाने वालों के लिए स्कीम शुरू की। इस स्कीम के तहत ऐसे लोगों को विकसित जमीन का 50 फीसदी दिया जाना था। इस योजना को 2009 में लागू किया गया और 2020 में कर्नाटक की तब की बीजेपी सरकार ने स्कीम बंद कर दी। आरोप है कि योजना बंद होने के बाद भी मुडा ने जमीनों का अधिग्रहण और आवंटन किया। सीएम की पत्नी पार्वती को भी फायदा पहुंचाया गया। मैसुरु के बाहर केसारे में पार्वती सिद्धारामैया की ये जमीन थी। जिसे उनके भाई मल्लिकार्जुन स्वामी ने 2010 में बतौर गिफ्ट दिया था। मुडा पर आरोप है कि पार्वती की जमीन के एवज में विजयनगर 3 और 4 फेज में 14 साइट दे दीं।