कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एसबीआई और पीएनबी में खाते बंद करने का फैसला 15 दिन तक टाला, दोनों बैंकों पर जमा धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी में अपने सभी दफ्तरों के खाते बंद करने का फैसला 15 दिन के लिए टाल दिया है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार का कहना है कि सीएम सिद्धारामैया ने बैंकों की तरफ से आग्रह के बाद खाते बंद करने का फैसला टालने का फैसला किया है। सरकार के बयान में कहा गया है कि अभी फैसला टालने से एसबीआई और पीएनबी को हमारी चिंताओं को दूर करने और मुद्दों को हल करने का वक्त मिलेगा।
कर्नाटक की सिद्धारामैया सरकार ने इससे पहले 12 अगस्त को आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत कर्नाटक सरकार के सभी विभागों, निगमों, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, बोर्ड और यूनिवर्सिटीज को एसबीआई और पीएनबी में लेन-देन तुरंत बंद करने को कहा गया था। आदेश में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने कहा था कि एसबीआई और पीएनबी में राशि को जमा या निवेश नहीं करना है। कर्नाटक सरकार का आरोप है कि एसबीआई और पीएनबी में जमा उसके धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। सिद्धारामैया सरकार के मुताबिक कथित दुरुपयोग के बारे में कई बार एसबीआई और पीएनबी को चेतावनी भी दी गई, लेकिन इन बैंकों ने कोई कदम नहीं उठाया। जिसके बाद एसबीआई और पीएनबी से लेन-देने न करने का फैसला कर्नाटक सरकार ने उठाया।
कर्नाटक की सिद्धारामैया वाली कांग्रेस सरकार की तरफ से एसबीआई और पीएनबी में लेन-देन न करने के आदेश से सियासत भी गर्मा गई थी। बीजेपी की तरफ से आरोप लगाया जा रहा था कि एसबीआई और पीएनबी में कर्नाटक सरकार के विभागों के खाते बंद कर इन दोनों बैंकों को आर्थिक चोट देने की कोशिश की जा रही है। कर्नाटक से बीजेपी के एक सांसद ने बाकायदा इस बारे में आशंका जताते हुए मोदी सरकार को चिट्ठी भी लिखी थी। अब देखना है कि 15 दिन की समयसीमा के बाद कर्नाटक सरकार के खाते एसबीआई और पीएनबी में चालू रहते हैं या उनको बंद करने का आदेश फिर से दिया जाता है।
