Gujarat Cyclone: गुजरात के कच्छ में तूफान का खतरा टला, चक्रवात ‘असना’ ने अपना रुख बदला
नई दिल्ली। गुजरात के कच्छ क्षेत्र में छाए तूफान ने अपना रुख बदल लिया है और फिलहाल चक्रवात का खतरा टल गया है। मौसम विभाग ने बताया कि कच्छ के मांडवी इलाके में दोपहर 12:00 बजे के आसपास जमकर बारिश हुई और हवाएं चलीं। इससे पहले, मौसम विभाग ने सूचित किया था कि कच्छ क्षेत्र के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र शुक्रवार तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके मद्देनजर, जिले में झोपड़ियों और अस्थाई घरों में रहने वाले लोगों को स्कूलों या मंदिरों में जाने की सलाह दी गई थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पुष्टि की है कि शुक्रवार को गुजरात में मूसलाधार बारिश और बाढ़ का कारण बने गहरे दबाव ने चक्रवात ‘असना’ का रूप ले लिया। यह चक्रवात 1976 के बाद अगस्त में अरब सागर में बनना पहला ऐसा चक्रवात है। ‘असना’ नाम पाकिस्तान ने दिया है।
आईएमडी के अनुसार, 1891 से 2023 के बीच अगस्त महीने में अरब सागर में केवल तीन चक्रवाती तूफान बने हैं – 1976, 1964 और 1944 में। 1976 का चक्रवात ओडिशा से उत्पन्न होकर अरब सागर में प्रवेश किया, एक घुमावदार मार्ग पर बढ़ते हुए ओमान तट के पास कमजोर हो गया। 1944 का चक्रवात अरब सागर में उभरने के बाद तीव्र हो गया, जबकि 1964 में एक अल्पकालिक चक्रवात दक्षिण गुजरात तट के पास विकसित हुआ और तट के पास कमजोर हो गया।
हाल ही में, कच्छ तट और पाकिस्तान एवं पूर्वोत्तर अरब सागर के आसपास के क्षेत्रों में गहरे दबाव ने पिछले 6 घंटों के दौरान 6 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए चक्रवात ‘असना’ का रूप ले लिया। यह चक्रवात भुज से 190 किमी पश्चिम-उत्तरपश्चिम में 11:30 बजे केंद्रित था। गुजरात में बारिश से संबंधित घटनाओं में पिछले तीन दिनों में 26 लोगों की जान चली गई है। प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों से 18,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और करीब 1,200 लोगों को बचाया गया है।
