तो झारखंड बन जाएगा मिनी बांग्लादेश!’, असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने जताई चिंता
जामताड़ा। झारखंड में 13 और 20 नवंबर को विधानसभा के चुनाव हैं। इससे पहले झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा जोरशोर से उठाकर बीजेपी सत्तारूढ़ हेमंत सोरेन की जेएमएम और कांग्रेस को लगातार घेर रही है। अब झारखंड में बीजेपी के सह प्रभारी और असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने चिंता जताते हुए कहा कि झारखंड में घुसपैठिए राज्य की आदिवासी अस्मिता और संस्कृति को गड़बड़ा रहे हैं। हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि अगर ऐसा चलता रहा, तो झारखंड की आबादी में बदलाव दिखेगा और ये मिनी बांग्लादेश बन जाएगा। उन्होंने ये भी बताया कि अगर झारखंड में बीजेपी की सरकार बनी, तो वो राज्य को बचाने के लिए क्या कदम उठाएगी।
झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा यूं तो काफी अर्से से गूंज रहा है, लेकिन इसे सबसे पहले लोकसभा में गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने उठाया था। निशिकांत दुबे ने आंकड़ों के आधार पर बताया था कि झारखंड के किन इलाकों में आबादी में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। उन्होंने संथाल परगना में आदिवासियों की लगातार घटती और मुस्लिमों की बढ़ती आबादी के आंकड़े भी लोकसभा में दिए थे। झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इसे ही बड़ा मुद्दा बनाया है। बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर बीजेपी जेएमएम सरकार के सीएम हेमंत सोरेन को घेर रही है। बीजेपी के नेता और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने झारखंड पुलिस के खुफिया विभाग की 2023 की एक चिट्ठी भी जारी की थी। जिसमें कहा गया था कि संथाल परगना और कई जगह बांग्लादेशी घुसपैठियों को शरण दी जाती है और फिर उनके सरकारी दस्तावेज बनाए जाते हैं।
झारखंड में विधानसभा की 81 सीट हैं। 2019 में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में जेएमएम को 30, बीजेपी को 25, कांग्रेस को 16 और अन्य पार्टियों को 10 सीट पर जीत मिली थी। इसके बाद जेएमएम के हेमंत सोरेन ने कांग्रेस, आरजेडी, सीपीआई-एमएल वगैरा के साथ महागठबंधन तैयार कर सरकार बनाई थी। झारखंड विधानसभा में बहुमत के लिए 41 सीटों की जरूरत होती है। इस बार विधानसभा चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे। जिसके बाद पता चलेगा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर बीजेपी झारखंड की सत्ता से हेमंत सोरेन की जेएमएम को बाहर कर पाती है या नहीं।
