घर-घर जाकर हिंदुओं में एकता की अलख जगाएंगे आरएसएस के स्वयंसेवक, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दी अहम जिम्मेदारी
मथुरा। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के स्वयंसेवकों को हिंदुओं में एकता बनाने का अहम काम सौंपा है। जानकारी के मुताबिक आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के बाद ये काम सौंपा गया है। मीडिया की खबरों के मुताबिक मथुरा के परखम गांव में रविवार को आरएसएस के क्षेत्र और प्रांत प्रचारकों की बैठक हुई। इस बैठक में मोहन भागवत और आरएसएस के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले भी थे। इस बैठक में आरएसएस के कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे हिंदू समाज में सामाजिक समरसता को निचले स्तर तक ले जाएं। आरएसएस का पंच परिवर्तन का संदेश हर घर तक पहुंचाने के आदेश मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को दिए।
बीते दिनों ही राजस्थान के बारां में एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भाषा, जाति, प्रांत के मतभेद भुलाकर हिंदुओं को एकजुट होना होगा। मोहन भागवत ने कहा था कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है। उन्होंने ये भी कहा था कि समाज ऐसा होना चाहिए जिसमें एकता, बंधन और सद्भावना का भाव हो। आरएसएस प्रमुख ने कहा था कि जो भी कमियां हैं, उनको दूर कर समाज को मजबूत करना जरूरी है। वहीं, विजयादशमी पर नागपुर में मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि जब तक क्रोध में आकर अत्याचार करने की कट्टरपंथी प्रवृत्ति रहेगी, उस वक्त तक हिंदुओं के साथ सभी अल्पसंख्यक खतरे में रहेंगे। मोहन भागवत ने कहा था हिंदू ये समझें कि कमजोर होना अपराध है। आरएसएस प्रमुख ने कहा था कि एकजुट होकर ताकतवर बनें।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा एक जनसभा में दिया था। उन्होंने इस नारे के जरिए लोगों से न बंटने की अपील की थी। वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने इसके बाद एक जनसभा में कहा था कि अगर हम बंटेंगे, तो हमें बांटने वाले महफिल सजाएंगे। योगी और मोदी के इन बयानों के बाद ही मोहन भागवत ने भी हिंदुओं से एकता बनाए रखने के लिए कहा था। अब वही संदेश आरएसएस के स्वयंसेवक घर-घर पहुंचाने का काम करेंगे। बता दें कि योगी के बंटेंगे तो कटेंगे का नारा महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव प्रचार में भी काफी वायरल हो रहा है।
