शरद पवार क्या सक्रिय राजनीति से लेने जा रहे हैं संन्यास? कही ऐसी बात, शुरू हो गईं अटकलें
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की उथल पुथल के बीच एनसीपी (एससीपी) प्रमुख शरद पवार ने अपने भविष्य को लेकर कुछ ऐसा संकेत दिया जिससे उनके सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। महाराष्ट्र के बारामती में एक चुनावी सभा में लोगों को संबोधित करते हुए एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि आपने मुझे हर चुनाव जिताया, कभी किसी चुनाव में हारकर घर नहीं जाना पड़ा, लेकिन मुझे कहीं न कहीं तो रुकना होगा। नई पीढ़ी को लाना होगा। मैं अब कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा। अब शरद पवार के इस बयान को लेकर ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का मन बना लिया है।
शरद पवार ने लोगों से कहा, मैं राज्यसभा का सदस्य हूं, सत्ता में नहीं हूं, लेकिन अब मेरे कार्यकाल का सिर्फ 1.5 साल बचा है। 1.5 साल के बाद मुझे विचार करना होगा कि मैं फिर से राज्यसभा जाऊंगा या नहीं। आपने मुझे इनमें से किसी भी चुनाव में घर नहीं जाने दिया लेकिन नई पीढ़ी को आगे लाने के लिए मुझे रुकना होगा। पवार ने कहा, मैंने समाज सेवा नहीं छोड़ी है, मुझे सत्ता नहीं चाहिए, लेकिन मैंने लोगों की सेवा करना नहीं छोड़ा है।
आपको बता दें कि शरद पवार का नाम न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़े नेताओं में गिना जाता है। कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले पवार तीन बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक बतौर सांसद रहते हुए शरद पवार केंद्रीय कृषि मंत्री और केंद्रीय रक्षा मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं। राजीव गांधी की मौत के बाद एक बार ऐसा मौका भी आया था जब शरद पवार प्रधानमंत्री बनते बनते रह गए, हालांकि कांग्रेस सांसदों की वोटिंग में नरसिंहा राव को ज्यादा वोट मिले और उन्हें पीएम बनाया गया था।
