एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा ने उल्टा पुलिस और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, गिरफ्तार
नई दिल्ली। राजस्थान के टोंक जिले के देवली उनियारा विधानसभा सीट पर वोटिंग के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को पुलिस तलाश करती रही और उसने खुद मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। मीणा ने पुलिस को तो घेरा ही साथ ही एसडीएम पर भी फर्जी मतदान कराने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि बाद में पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान नरेश मीणा ने कहा, मुझे वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा के अलावा किसी से कोई उम्मीद नहीं है, वो ही मुझे न्याय दिलाएंगे।
नरेश मीणा ने कहा, कल सुबह 9 बजे मुझे सूचना मिली कि इस गांव ने चुनाव का बहिष्कार किया है क्यों कि अधिकारी ने दो लोगों को जबरन मतदान करवाकर उनका बहिष्कार खत्म करवाया। जब मैंने लोगों से मतदान करने का आग्रह किया तो मुझे बताया गया कि जब तक कलेक्टर आकर उन्हें आश्वासन नहीं देते, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। पूरा प्रशासन बीजेपी सरकार के निर्देश पर बीजेपी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा था। एसडीएम ने तीन लोगों को डरा धमकाकर उनका फर्जी मतदान करवाया। मैंने बूथ कार्यकर्ताओं से पूछा कि जबर्दस्ती वोटिंग किसने कराई तो उन्होंने एसडीएम का नाम लिया, इसलिए मैंने उन्हें थप्पड़ मार दिया।
मीणा ने कहा कि इसके बाद मैंने अपना विरोध जारी रखा और प्रशासन से कोई भी बूथ पर नहीं आने के बाद मैं पूरी तरह से शांत हो गया। हमने एसपी से आने के लिए कहा, लेकिन वे भी नहीं आए। रात में पुलिस ने हमारी खाना लाने वाली गाड़ियों को रास्ते में रोक लिया, जब मैं अपना खाना लेने गया तो एसपी ने मुझे हिरासत में लेकर पुलिस वैन में डाल दिया, जिसके बाद पथराव शुरू हो गया। पुलिस तुरंत भाग गई, आंसू गैस और मिर्ची बम फेंके गए। मुझे बचाने के लिए मेरे समर्थक मुझे पड़ोसी गांव ले गए। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, वे सभी निर्दोष हैं।
