नरेश मीणा की अब हिस्ट्री खंगाल रही पुलिस, पहले से दर्ज हैं 23 मुकदमे
नई दिल्ली। राजस्थान के टोंक जिले में चुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। पुलिस ने अब नरेश की हिस्ट्री खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक नरेश के पहले से अलग-अलग मामलों में 23 मुकदमे दर्ज हैं। नरेश को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इससे पहले नरेश ने मीडिया के सामने आकर पुलिस और एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए थे। उधर नरेश की गिरफ्तारी के विरोध में उसके समर्थकों ने फिर बवाल काटा। समरावता गांव के बाहर उनियारा हिंडोली हाइवे पर नरेश समर्थकों ने आगजनी करते हुए रास्ता रोक दिया है। इसके अलावा पथराव भी किया गया है। भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है और दूसरे थानों से अतिरिक्त पुलिस बुलाई गई है।
आपको बता दें कि बुधवार को चुनाव ड्यूटी में तैनात एसडीएम से अमित चौधरी से कहा सुनी के बाद नरेश मीणा ने उनको थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद जब पुलिस नरेश मीणा को गिरफ्तार करने समरावता गांव पहुंची थी तो उनके समर्थकों ने जमकर पत्थरबाजी और आगजनी। नौबत ये आ गई कि पुलिस कर्मियों को अपनी जान बचाना मुश्किल हो गया। इसके बाद समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी से नरेश मीणा को उतार लिया और फरार हो गए। इसके बाद आज नरेश मीणा ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा और कहा कि इस मामले में उनको सिर्फ बीजेपी के वरिष्ठ नेता किरोणी लाल मीणा से उम्मीद है, वही न्याय दिला सकते हैं।
दूसरी तरफ इस मामले में किरोणी लाल मीणा ने भी ने कहा कि जिस किसी ने भी नरेश मीणा को उकसाया है और ये षडयंत्र रचा है जिस कारण से यह स्थिति बनी है उसकी जांच होनी चाहिए। इस हिंसा को फैलाने में कांग्रेस का अहम रोल है ताकि सरकार बदनाम हो और लोग भड़क जाएं। सरकार इस साजिश का खुलासा निश्चित रूप से करेगी। मीणा ने कहा कि निश्चित रूप से पता किया जाना चाहिए कि इसके पीछे किसका हाथ है। हिंसा के पीछे अगर कोई है तो वह जनता के सामने आना चाहिए।
