इस बार फायर नहीं वाइल्ड फायर बनकर आए अल्लू अर्जुन, लोगों को पसंद आ रहा पुष्पा भाऊ का स्वैग
नई दिल्ली। साल के आखिरी महीने में साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्म ”पुष्पा- द रूल” ने सिनेमाघरों में धाकड़ एंट्री मार दी है। साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन और नेशनल क्रश कही जाने वाली रश्मिका मंदाना की फिल्म ”पुष्पा द रूल” बिना किसी शर्त एक मास एंटरटेनर फिल्म है जिसने एडवांस बुकिंग में ही टिकट खिड़की का धागा खोल दिया था और आज जब फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक दी तो पहले शो से ही फैंस का क्रेज देखने लायक रहा। टिकट खिड़की पर दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। पुष्पा भाउ का जादू लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा है।
पुष्पा को फैंस का जमकर प्यार मिल रहा है। मशहूर फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने भी अल्लू अर्जुन की पुष्पा द रूल को मेगा ब्लॉकबस्टर करार दिया है।
कहानी:
पुष्पा- द रूल की कहानी की बात करें तो पुष्पा भाऊ अब लाल चंदन का सबसे बड़ा माफिया बन चुका है। वो इस स्मगल की दुनिया का मुखिया है लेकिन कहते हैं ना आदमी जितना आगे बढ़ता है उसके उतने ही दुश्मन पीछे पड़ जाते हैं और यही चीज़ पुष्पा के साथ भी होती है। पुष्पा मुख्यमंत्री से मिलने जाता है जहां उसकी पत्नी कहती है कि मुख्यमंत्री के साथ तस्वीर जरूर लेना लेकिन मुख्यमंत्री को एक माफिया के साथ फोटो खिंचवाना गवारा नहीं। ऐसे में पुष्पा मुख्यमंत्री को ही बदलने की प्लानिंग कर डालता है और इस काम को अंजाम देने के लिए उसे 5000 करोड़ का लाल चंदन विदेश स्मगल करना है। अब क्या होगा, और पुष्पा का दुश्मन इंस्पेक्टर भंवर सिंह शेखावत क्या करेगा? ये सब जानने के लिए आपको थिएटर जाना होगा।
इस फिल्म की एक्टिंग, राइटिंग, डायरेक्शन सबकुछ शानदार है। अगर फिल्म की कोई कमजोर कड़ी है तो वो है इसके गाने। पुष्पा 2 के सभी गाने बकवास है। सामी-सामी को छोड़कर कोई भी गाना झेलने लायक नहीं है। फिल्म का बीजीएम अच्छा है। फिल्म एक शानदार थिएटर एक्सपीरिएंस है।
