चुनाव आयोग ने अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर दी सफाई, कहा- 6 जनवरी को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में अपने निर्वाचन क्षेत्र नई दिल्ली में मतदाता सूची में कथित हेरफेर के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी की ‘साजिश’ करार दिया है। इसपर अब चुनाव आयोग ने स्थिति साफ की है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 29 अक्टूबर को जारी की गई वोटर लिस्ट केवल ड्राफ्ट थी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 29 अक्टूबर से 28 नवंबर तक प्राप्त आवेदनों का निपटारा 24 दिसंबर तक किया गया है। इसके अलावा, 1 जनवरी तक आने वाले सभी नए आवेदनों को भी शामिल किया जाएगा और फाइनल वोटर लिस्ट 6 जनवरी को जारी की जाएगी।
अरविंद केजरीवाल का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 दिसंबर से एक अभियान चलाया गया, जिसमें 5,000 मतदाताओं के नाम हटाने और 7,500 नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया उनके निर्वाचन क्षेत्र के कुल 12 फीसदी वोट को प्रभावित कर सकती है। उनके मुताबिक, नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1,06,873 मतदाता हैं। यह संख्या 20 अगस्त से 20 अक्टूबर के बीच संशोधन के बाद 29 अक्टूबर को जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट में दर्ज थी।
“ऑपरेशन लोटस” मेरे निर्वाचन क्षेत्र तक पहुंचा
केजरीवाल ने कहा, “ऑपरेशन लोटस अब मेरे निर्वाचन क्षेत्र तक पहुंच गया है। वे चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए मतदाता सूची में हेरफेर करने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए चुनाव आयोग से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
चुनाव आयोग की अपील
चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटाने या सुधार करवाने के लिए समय सीमा के भीतर आवेदन करें। आयोग ने भरोसा दिलाया कि वह इस प्रक्रिया को पूरी निष्पक्षता से पूरा करेगा।
