लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में 23 दिसंबर को दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में एसीपी अंकुर विहार की जांच रिपोर्ट आई सामने
गाजियाबाद। डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि उक्त प्रकरण में एसीपी अंकुर विहार से निष्पक्ष जांच कराई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार 23 दिसंबर को समय करीब 8:35 रात्रि बजे ड्रीम्स वैली स्कूल के पास जन्नत मेडिकल स्टोर के सामने प्रथम पक्ष के हिमांशु तेवतिया पुत्र राजेंद्र तेवतिया निवासी ग्राम पखरपुर थाना खेकड़ा बागपत 2. गौरव पता ना मालूम वह दो-तीन व्यक्ति अज्ञात और द्वितीय पक्ष के 1. प्रशांत 2. पृथ्वी और रवि पुत्रगण सत्येंद्र निवासी विकास कुंज थाना लोनी बॉर्डर कमिश्नरेट गाजियाबाद 3. सतीश पुत्र राजेंद्र निवासी दी 150 विकास कुंज लोनी बॉर्डर की 3 4 अज्ञात व्यक्तियों के साथ यमन के जन्मदिन के अवसर पर शराब पीकर नशे में हिमांशु द्वारा पृथ्वी को पीटने को लेकर आपस में गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर एक दूसरे पर लाठी डंडे से हमला कर दिया। एक दूसरे की जान को जोखिम में डालकर मारपीट की जा रही थी।
इसी दौरान सतीश ने तीसरे पक्ष के पास खड़े इमरान पुत्र अली शेर निवासी विकास कुंज को डंडे से पीटना शुरू कर दिया। जिसे अपना तफरी मच गई और वहां पर खड़े सात आठ व्यक्तियों द्वारा द्वितीय पक्ष को पीटना शुरू कर दिया। जिस कारण तीनों पक्षों को छोटे आई। और घटनास्थल के आसपास भगदड़ मच गई। इस झगड़े में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए भिजवाया गया। इस प्रकरण तीनों पक्षों के लोगों ने आपस में झगड़ा व मारपीट कर अपराध कारित किया गया।
इस संबंध में 23 दिसंबर को थाना लोडिंग बॉर्डर पर अपराध संख्या 750/2024 धारा 191 (2),191(3)190,115(2),352,351(2) बनाम प्रथम पक्ष के हिमांशु तेवतिया, गौरव व दो-तीन व्यक्ति अज्ञात, तृतीय पक्ष के इमरान में सात आठ व्यक्ति अज्ञात पंजीकृत किया गया है। क्योंकि उक्त प्रकरण में विभिन्न पक्षों के द्वारा मारपीट की गई थी। आत: उक्त प्रथम सूचना रिपोर्ट में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के आष्य से लोनी बॉर्डर थाने के उप निरीक्षक को वादी बनाया गया। उक्त प्रकरण में अब तक शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु कुल पांच व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस की करवाई की गई है। तथा 14 व्यक्तियों को अंतर्गत धारा 126/135 बी एन एस एस में पाबंद किया गया है।
इस संबंध में श्री सरिता चौधरी द्वारा भी पुलिस को एक शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाए गए कि कुछ लड़के उसके चेहरे पर हाथ मार कर भाग गए। उसके पति द्वारा पीछा करने पर पति के साथ मारपीट की गई एवं इमरान और उसके साथियों द्वारा उसे घर से उठाकर ले जाने की धमकी दी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता सरिता चौधरी ने 24 दिसंबर को दिए गए एक अन्य शिकायती प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि जब मैं गेट पर खड़ी थी तो इमरान अपने तीन चार साथियों के साथ आया और उसके गाल को छुता हुआ भागने लगा। शिकायतकर्ता द्वारा चिल्लाने पर ऊपर की मंजिल से उतरकर उसका पति आया और उनका पीछा किया चौक पर 10-15 मुस्लिम लड़कों ने उन्हें घेर कर उसकी पिटाई कर दी। पड़ोसी सौरभ का मोबाइल छीन लिया व पड़ोसन भारती के कान का कुंदन छीन लिया। अज्ञात मुस्लिम लड़कों जो की पत्थर में हथियारों से लैस थे शिकायतकर्ता की ननंद पूजा, पड़ोसी किश एवं शिकायतकर्ता की दोस्त कांमूदी के पति सचिन के साथ मारपीट आदि की।
शिकायतकर्ता सरिता चौधरी के उक्त दोनों शिकायती पत्रों की जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरा की वीडियो फुटेज देखी गई। जिसके अनुसार 23 दिसंबर को समय लगभग 8 : 41 बजे रात्रि हिमांशु व प्रशांत पक्ष के द्वारा ड्रीम वैली स्कूल के पास जन्नत मेडिकल स्टोर के सामने विकास कुंज बी ब्लॉक में आपस मारपीट की जा रही है। इस बीच द्वितीय पक्ष के सतीश (शिकायतकर्ता सरिता चौधरी के पति) जिनके हाथ में लाठी भी दिखाई दे रही है । कुछ देर बाद समय 8 : 42 :16 तीसरा पक्ष इमरान जिसका घर जन्नत मेडिकल स्टोर के सामने वाली गली में घटना-स्थल के नजदीक है। अपने घर के ओर से घटनास्थल पर आता दिखाई दे रहा। और मेडिकल स्टोर के पास खड़े होकर प्रथम पक्ष में द्वितीय पक्ष की लड़ाई देख रहा है। कुछ समय बाद 8:43:18 दोनों पक्षों की लड़ाई वाले स्थान पर जेब में हाथ डालकर खड़ा है। इस दौरान उसे पर एक व्यक्ति द्वारा डंडे से वार किया गया जिसका इमरान ने विरोध किया तो पुन: उसे व्यक्ति द्वारा डंडे से वार किए गए। जिस पर आसपास के व्यक्तियों द्वारा इमरान पर हमला कर रहे सतीश की पिटाई की गई। जिसका बीच बचाव हिमांशु द्वारा भी किया गया।
समस्त सीसीटीवी कैमरों का अवलोकन करने पर कोई महिला या लड़की घटनास्थल पर मौजूद नहीं पाई गई वीडियो रिकॉर्डिंग संलग्न है। 25 दिसंबर को हिमांशु द्वारा एक पेन ड्राइव उपलब्ध कराई गई है। पेन ड्राइव में ऑडियो रिकॉर्डिंग के अनुसार उसके द्वारा यमन के फोन नंबर 9310020 764 से सतीश के घर के मोबाइल नंबर 9667 6480 39 पर सतीश की मां ओमवती देवी से बात की तो उन्होंने बताया कि अपने बयान बदल दो, सब कुछ मुसलमान के ऊपर डाल दो, कह दो कि हमारे बीच कुछ नहीं हुआ। मुसलमान ने ही हमारे साथ मारपीट की है इसके बाद। उक्त रिकॉर्डिंग में सतीश की बहन पूजा ने उसे अपने बयान बदलने को कहा और सब कुछ मुसलमानों के ऊपर डालने के लिए बोला इसकी भी रिकॉर्डिंग संलग्न है। शिकायतकर्ता सरिता चौधरी के शिकायती प्रार्थना पत्रों की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन गांव के बयान तथा हिमांशु द्वारा ऑडियो रिकॉर्डिंग के विश्लेषण से सरिता चौधरी द्वारा लगाए गए छेड़खानी में लूट के आरोपी की पुष्टि नहीं होना पाया गया है।
ऐसा प्रतीत होता है कि सरिता चौधरी द्वारा अपने पति सतीश के बचाव के लिए जो उक्त मुकदमे में नामजद अभियुक्त है, को बचाने के आष्य से पेशबंदी में बार-बार इस तरह के प्रार्थना पत्र व बयान दिए जा रहे हैं। बता दें कि इस मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी थाने में पहुंचे थे। और काफी हंगामा किया था। इस प्रकरण को लेकर विधायक द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गई थी। जिसमें स्थानीय व जिला पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, एवं जिले की कानून व्यवस्था को लेकर जनपद के पुलिस कमिश्नर को आड़े हाथों लिया था। विधायक द्वारा इस संबंध में आर पार की लड़ाई लड़ने की घोषणा की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक द्वारा कहा गया था कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी और न्याय न मिलने पर महापंचायत कर आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। लेकिन पुलिस ने गहनता से जांच कर साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई को उजागर कर दिया है।
इस मामले में क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने निष्पक्ष जांच करने को लेकर पुलिस की सराहना की है। अब यह प्रकरण क्या मोड लगा यह तो समय ही बताएगा? विधायक की अग्रिम रणनीति क्या रहेगी इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। इस प्रकरण को लेकर विधायक बहुत आक्रामक दिखाई दिए थे। उन्होंने यह तक घोषणा कर दी थी की पुलिस आयुक्त मौके पर आकर जांच करें अगर हमारी बात झूठ है तो हम राजनीति छोड़ देंगे। उनका कहना था की कुछ निचले स्तर के लोनी के पुलिस अधिकारी पुलिस आयुक्त के कान भर देते हैं कि विधायक यह कह रही हैं वह कह रहे हैं। लेकिन आयुक्त उनकी बात सुनकर अपने ऑफिस से बाहर तक नहीं निकलते और मामले की तह तक नहीं पहुंच पाते हैं। विधायक का कहना था कि पुलिस आयुक्त को घटनास्थल पर जाकर जांच कर पीड़ितों को को न्याय दिलाना चाहिए।
