अंतरिक्ष में इसरो वैज्ञानिकों की एक और उपलब्धि, स्पाडेक्स के यानों को जोड़कर ऐसा करिश्मा करने वाला चौथा देश बना भारत
नई दिल्ली। इसरो के वैज्ञानिकों ने एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। अंतरिक्ष में दो यानों को सफलता से जोड़ने का करिश्मा करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है। इसरो के वैज्ञानिकों ने अब से कुछ देर पहले SpaDeX प्रोजेक्ट के तहत अंतरिक्ष में भेजे गए दोनों यानों को सफलतापूर्वक जोड़ दिया। ये भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए गौरव का क्षण है। इसरो इससे पहले यानों को 15 मीटर और फिर 3 मीटर करीब लाया। जिसके बाद स्पाडेक्स यानों को जोड़ने का काम सफल रहा। दोनों यान स्थिर हैं और कक्षा में मिलकर चक्कर लगा रहे हैं।
इसरो ने पहले स्पाडेक्स मिशन के तहत 7 जनवरी को दोनों यानों को जोड़ने की तैयारी की थी। इस दौरान यानों में विचलन ज्यादा हो गया था। जिसकी वजह से इसरो ने स्पाडेक्स यानों को जोड़ने की तारीख 9 जनवरी तय की। 9 जनवरी को इसरो के वैज्ञानिक यानों को 3 मीटर दूरी पर लाने में सफल हुए थे, लेकिन उस दिन स्पाडेक्स मिशन के तहत यानों को जोड़ने का फैसला रद्द किया गया। इसरो के वैज्ञानिक इसके बाद से ही यानों से मिले डेटा का अध्ययन कर रहे थे। डेटा के अध्ययन के बाद इसरो के वैज्ञानिक स्पाडेक्स के तहत भेजे गए दोनों यानों को करीब लाए और फिर उनको आपस में जोड़ा गया।
इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन को ही अंतरिक्ष में यानों को जोड़ने में महारत हासिल थी। अब भारत का नाम भी इन देशों के साथ जुड़ गया है। इसरो के वैज्ञानिक लगातार देश के लिए उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। इसरो वैज्ञानिकों ने चांद पर चंद्रयान भी उतारा था। इसके अलावा इसरो के भेजे चंद्रयान-1 ने चांद की सतह पर पानी होने की पुष्टि भी की थी। स्पाडेक्स मिशन के कामयाब होने से अब चंद्रयान-4 के जरिए चांद की सतह से सैंपल लाने और अंतरिक्ष स्टेशन बनाने के काम में भी इसरो को मदद मिलने वाली है। इसरो के वैज्ञानिक अब मानव को अंतरिक्ष में भेजने का मिशन सफल बनाने में जुटे हैं।
