महिलाओं, गिग श्रमिकों और किसानों के लिए बजट 2025 में क्या है खास
नई दिल्ली। बजट 2025 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं के साथ गिग श्रमिकों का भी विशेष ध्यान रखा है। सशक्त महिलाएं, सशक्त राष्ट्र के सिद्धांत पर काम करते हुए केंद्र सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही बहुत सी कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की है। वहीं ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े कर्मचारियों जिन्हें गिग श्रमिक कहा जाता हैं, उनके कल्याण के लिए सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजना का ऐलान किया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से आने वाली और पहली बार काम शुरू करने जा रही 5 लाख महिला उद्यमियों को अगले 5 सालों में 2 करोड़ रुपए तक की आर्थिक सहायता ऋण के तौर पर सरकार उपलब्ध कराएगी, ताकि वो अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के विजन से सरकार समावेशी भारत के मार्ग को प्रशस्त कर रही है।
सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफार्म से जुड़कर काम करने वाले लोगों की भी सुध ली है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि गिग श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा और इसके बाद उन्हें पहचान पत्र दिया जाएगा। इन गिग श्रमिकों पीएम जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। सरकार की इस योजना से स्विगी, जोमैटो, बिगबास्केट, जेप्टो समेत बहुत से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कामगारों को फायदा होगा। इससे लगभग एक करोड़ गिग्र वर्कर लाभान्वित होंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का ऐलान किया है। वहीं, पीएम धनधान्य कृषि योजना के तहत 1 करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा होगा। इस योजना के तहत भंडारण से लेकर सिंचाई सुविधा बढ़ाने पर फोकस होगा। अगले 6 साल दालों की पैदावार बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
