February 15, 2026

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नेहरू सरकार में बनाई गई नीतियों की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर बरसे गृहमंत्री अमित शाह

नई दिल्ली। राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख के स्मृति दिवस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, भारत को आजादी मिलने के बाद जब देश की नीतियां बनाई जा रही थीं, तो भारत को मानते वाले, देश को जानते वाले और राष्ट्र का सम्मान करते वाले लोग बड़े आश्चर्य, चिंता और निराशा के साथ देख रहे थे कि एक भी नीति में चाहे वह विदेश नीति हो, आर्थिक नीति हो, कृषि नीति हो या शिक्षा नीति, किसी में भी हमारे चिर पुरातन राष्ट्र की मिट्टी की सुगंध नहीं थी। पश्चिम से उठाए गए सिद्धांतों का हिंदीकरण करके नीति बनाने का काम जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने किया था।

उस वक्त पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने एकात्म मानववाद का सिद्धांत प्रस्थापित करके हमारा आर्थिक दर्शन कैसा हो, विदेश नीति कैसी हो, विश्व के प्रति हमारा नजरिया कैसा हो इसे स्थापित किया और वही  सिद्धांत आज भारत को विश्व में श्रेष्ठ बनाने की दिशा में आगे ले जा रहा है। भारत के विकास के मॉडल को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय नाम दिया। उन्होंने कहा कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास के बिना विकास के कोई मायने नहीं हैं। विकास होना चाहिए मगर अपनी विरासत को साथ लेकर।

शाह बोले, नानाजी का जन्म महाराष्ट्र में हुआ और वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक बने। बाद में उन्होंने उत्तर प्रदेश में काम किया, भारतीय जनसंघ के महासचिव बने। दीनदायल जी के साथ रहकर उत्तर प्रदेश में जनसंघ की नींव डालने के लिए एक एक खंड प्रखंड तक प्रवास करने का काम नानाजी ने किया। नानाजी ने अपने जीवन का क्षण-क्षण और शरीर का कण-कण भारत माता को अर्पित किया था।गृहमंत्री ने कहा, मैं कई वर्षों तक दीनदयाल अनुसंधान संस्थान से भी जुड़ा रहा और इससे मेरा जुड़ाव इसके मासिक प्रकाशन ‘मंथन’ के माध्यम से हुआ। मंथन में भारतीय जनता पार्टी और उसके पूरे परिवार की विचारधारा को जिस स्पष्टता के साथ व्यक्त किया गया है, वह उल्लेखनीय है।

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