’1 अप्रैल से अवैध घुसपैठियों और अफगान नागरिकों को जबरन वापस भेजेंगे’, पाकिस्तान सरकार का एलान
इस्लामाबाद। भारत में अवैध तरीके से घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्या मौज काट रहे हैं। वहीं, अमेरिका और ब्रिटेन के बाद अब पाकिस्तान ने भी अपने यहां घुसपैठ कर आने वालों पर सख्त रुख अपना लिया है। पाकिस्तान ने अवैध घुसपैठियों और अफगानिस्तान से आए लोगों को 31 मार्च तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को अल्टीमेटम दिया कि 31 मार्च तक सभी अवैध घुसपैठियों और अफगान नागरिक कार्ड धारकों को देश छोड़ना होगा। पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि अगर इन अवैध घुसपैठियों और अफगान नागरिकों ने देश नहीं छोड़ा, तो 1 अप्रैल से उनको जबरन वापस भेजा जाएगा।
पाकिस्तान पहले भी अफगान नागरिकों को वापस उनके देश भेजता रहा है। पाकिस्तान ने साल 2023 में भी ऐसा अभियान छेड़ा था। उसने तब कहा था कि पाकिस्तान से उन विदेशियों को चिन्हित कर वापस भेजा जाएगा, जिनके पास आधिकारिक तौर पर रहने का कोई दस्तावेज नहीं मिलेगा। अफगान नागरिकों को उनके देश वापस भेजने पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव भी होता रहा है। माना जा रहा है कि अब एक बार फिर इसी मुद्दे पर इस्लामाबाद और काबुल के बीच राजनयिक टकराव हो सकता है। पाकिस्तान की सेना और अफगानिस्तान के तालिबान के बीच कई बार संघर्ष भी हो चुका है।
पाकिस्तान मे 8 लाख से ज्यादा अफगानिस्तान के लोग रहते हैं। इनके पास अफगान नागरिक कार्ड है। वहीं, 2023 के बाद से पाकिस्तान 8 लाख के करीब अफगान नागरिकों को उनके देश वापस भेज चुका है। वहीं, 13 लाख लोगों को पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर शरण भी दे रखी है। अभी पाकिस्तान सरकार ने ये नहीं बताया है कि आधिकारिक तौर पर जिनको शरण और रहने की सुविधा दी गई है, उनको भी 31 मार्च तक देश छोड़ना होगा या नहीं। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने का अभियान छेड़ा है। बीते दिनों ब्रिटेन ने भी कई अवैध प्रवासियों को पकड़ा था। भारत में भी लोग लगातार अवैध घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या को निकालने की मांग करते रहे हैं। माना जाता है कि भारत में 2 करोड़ अवैध बांग्लादेशी और हजारों की तादाद में रोहिंग्या हैं।
